गणपति शिव गोरी के नंदन गणेशजी भजन
“गणपति शिव गोरी के नंदन गणेशजी” भजन भगवान गणेश के करुणामय और रक्षक स्वरूप का गुणगान करता है। इसमें भक्त स्वयं को अज्ञान और कष्टों से घिरा हुआ मानते हुए गणेश जी की शरण में आता है और उनसे सदा रक्षा करने की प्रार्थना करता है।
यह भजन बताता है कि किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति को मनाना क्यों आवश्यक है। रिद्धि-सिद्धि, ज्ञान और विवेक के दाता गणेश जी के बिना जीवन का मार्ग अधूरा है। सरल शब्दों और मधुर भावों से सजा यह भजन पूजा, आरती और भक्ति-साधना के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
भजन के बोल (Lyrics – Hindi)
गणपति शिव गोरी के नंदन गणेशजी,
मैं शरण तुम्हारी आया हूँ,
मेरी रक्षा करो हमेशजी।
गणपति शिव गोरीजी के नंदन गणेशजी,
जय जय गोरी नाथ जय गणपति।
सबसे पहले तुझे मनाऊँ,
फिर देवों के दर्शन पाऊँ,
गज बदन, मूस की सवारी,
अजब तुम्हारा भेषजी।
गणपति शिव गोरी के नंदन गणेशजी,
जय जय गोरी नाथ जय गणपति।
रिद्धि सिद्धि के तुम हो दाता,
तुझ बिन ज्ञान कोई ना पाता,
हे गजानन विश्वविधाता,
मन में करो प्रवेशजी।
गणपति शिव गोरीजी के नंदन गणेशजी,
जय जय गोरी नाथ जय गणपति।
अपने वाला बड़ा अज्ञानी,
कैसे गाए तेरी वाणी,
राजू पे भी कृपा करके,
काटो सकल क्लेशजी।
गणपति शिव गोरीजी के नंदन गणेशजी,
जय जय गोरी नाथ जय गणपति।
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“गणपति शिव गोरी के नंदन गणेशजी” एक भक्तिभाव से भरा श्री गणेश भजन है, जिसमें शरणागत भक्त विघ्नहर्ता से रक्षा, कृपा और ज्ञान का आशीर्वाद माँगता है। यह भजन श्रद्धा, मंगलकामना और गणपति वंदना का सुंदर भाव प्रस्तुत करता है।
यह श्री गणेश भजन उन सभी भक्तों के लिए है जो सच्चे मन से गणपति जी को स्मरण करते हैं और उनसे जीवन के हर विघ्न, क्लेश और अज्ञान को दूर करने की कामना करते हैं। 🙏 जय श्री गणेश


















