माँ अपने द्वारे बुला ले मुझे भजन के बोल (Lyrics – Hindi)
ना सांसों की माला पे सुमिरा तुझे
तो फिर मेरी सांसों का क्या काम है
तेरे दर्शन का अमृत पिया ही नहीं
तो माँ मेरी आँखों का क्या काम है
माँ अपने द्वारे बुला ले मुझे
सीने से माई लगा ले मुझे
मैं तेरी पूजा का एक फूल हूँ
चरणों में अपने जगह दे मुझे
माँ सेरोवाली ओ माँ जोतावाली
माँ सेरोवाली ओ माँ जोतावाली
सारे भगवान बड़े सबके हैं धाम बड़े
माँ का क्या जोड़ मेरी माता अलग है
मेरे दुख दर्द सहे बिना बोले या कहे
माई तेरा और मेरा नाता अलग है
बाधा कोई क्या मुझको डराए
ठोकर कोई क्या मुझको गिराए
जब तेरी ममता संभाले मुझे
माँ अपने द्वारे बुला ले मुझे
सीने से माई लगा ले मुझे
मैं तेरी पूजा का एक फूल हूँ
चरणों में अपने जगह दे मुझे
हे जगदम्बा हे कल्याणी
तू ही दाता तू ही दानी
तेरे दर से है महारानी
जायेंगे कहाँ
हे कात्यायनी मात भवानी
तू ही पोंछे आँख का पानी
ऐसी निश्चल ममता माई
पायेंगे कहाँ
माँ तेरे दर से जायेंगे कहाँ
ऐसी निश्चल ममता पायेंगे कहाँ
माँ अपने द्वारे बुला ले मुझे भजन एक सच्चे भक्त की आंतरिक पुकार है, जो यह मानता है कि यदि माँ के दर्शन और स्मरण के बिना जीवन व्यर्थ है। भजन में भक्त अपनी सांसों, आँखों और जीवन का सार माँ की भक्ति को बताता है और माँ से अपने दरबार में बुलाने की प्रार्थना करता है।
इस भजन में माँ शेरावाली और माँ जोतावाली के स्वरूप का गुणगान करते हुए यह भाव प्रकट किया गया है कि संसार में सभी देवताओं के धाम हैं, लेकिन माँ का स्थान सबसे अलग और अनोखा है। माँ और भक्त का रिश्ता बिना बोले दुख समझ लेने वाला, पूर्ण ममता और विश्वास से भरा हुआ बताया गया है।
भजन के अंत में माँ जगदम्बा, कल्याणी और भवानी के रूपों की वंदना की गई है, जहाँ भक्त यह स्वीकार करता है कि ऐसी निश्चल ममता और कहीं नहीं मिल सकती। यही भाव इस भजन को अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी बनाता है।
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माँ अपने द्वारे बुला ले मुझे भजन से जुड़ी विशेष जानकारी
श्रेणी: माता रानी भजन
भाव: शरणागति, ममता, भक्ति
गायक: सोनू निगम
संगीत: पायल देव
गीतकार: मनोज मुंतशिर
यह भजन माँ के चरणों में पूर्ण समर्पण और विश्वास का प्रतीक है, जो हर भक्त के मन में यह भावना जगाता है कि माँ की गोद ही सबसे सुरक्षित और पवित्र स्थान है। 🙏 जय माता दी


