सावन आयो रे, भोले बाबा सावन आयो रे लिरिक्स (Sawan aayo re bhole baba sawan aayo re bhajan lyrics in hindi)
यह भजन “सावन आयो रे” भोलेनाथ की भक्ति और सावन माह की महिमा को दर्शाता है। इसमें भक्त अपने पूजन थाल और कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में पहुँचता है। मेघों की झूमती बरसात, भांग-धतूरा और दूध का अर्पण, तथा केसर-चंदन से किया गया पूजन भक्त की गहरी आस्था को प्रकट करता है। सावन के इस पावन महीने में भोले बाबा की कृपा, भक्तों के जीवन में सुख-शांति और आनंद भर देती है।
सावन आयो रे, भोले बाबा सावन आयो रे लिरिक्स in hindi
सावन आयो रे, भोले बाबा सावन आयो रे,
पूजन थाल लेकर मैं थारा मंदिर आयो रे,
सावन आयो रे ।।
झूम-झूम के मेघा बरसे, पूजन को मेरा मन तरसे,
सच्ची लगन में हिवड़ा हरषे, ले कांवड़ निकला मैं घर से,
महाकाल कृपा से काल भी, रोक न पायो रे,
सावन आयो रे ।।
बम-बम गाऊं, बाबा तुमको मनाऊं, भांग, धतूरा और दूध चढ़ाऊं,
केसर-चंदन तिलक लगाऊं, रूप नीरखूं, बाबा सब सुख पाऊं,
थारी भक्ति-सेवा से म्हारो, मन भरमायो रे,
सावन आयो रे ।।
करुणाकर करुणा बरसाओ, दास को अब तो दर्शन दिखाओ,
विनती मेरी ना ठुकराओ, मुझको बाबा गले से लगाओ,
थारी शोभा देख के सबरो, मन हरषायो रे,
सावन आयो रे ।।
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