मेरी सुनले अरज बनवारी लिरिक्स (Meri sunle araj banwari lyrics in hindi)

यह भजन “मेरी सुन ले अरज बनवारी” एक अत्यंत भावुक और करुणा से भरी प्रार्थना है, जिसमें भक्त भगवान श्रीकृष्ण के सामने अपनी व्यथा रखता है। इसमें भक्त स्वयं को दुखी और असहाय मानकर, केवल प्रभु की शरण में ही सच्चा सहारा बताता है।

मेरी सुनले अरज बनवारी लिरिक्स

मेरी सुनले अरज बनवारी लिरिक्स in Hindi

मेरी सुन ले अरज बनवारी,
तेरे द्वार खड़ी दुखियारी ।।

आर न सूझे पार न सूझे,
अब कोई दूजा द्वार न सूझे,
कौन ठिकाने जाऊँ प्रभू मैं, छोड़ के शरण तिहारी,
छोड़ के शरण तिहारी,
तेरे द्वार खड़ी दुखियारी ।।

छिन गया मेरी आस का मोती,
खो गई इन नैनन की ज्योति,
तेरे जगत में भटक रही हूँ, मैं ममता की मारी,
मैं ममता की मारी,
तेरे द्वार खड़ी दुखियारी ।।

भजन का भाव

  • भक्त कहता है कि “हे बनवारी! अब मुझे कोई और ठिकाना नहीं दिख रहा, केवल तुम्हारा ही द्वार मेरा सहारा है।”

  • जीवन की आशा और आँखों की रोशनी तक खो जाने के बाद भी भक्त को केवल श्रीकृष्ण ही अपने रक्षक दिखाई देते हैं।

  • यह भजन पूर्ण आत्मसमर्पण और शरणागति भाव का प्रतीक है।

क्यों गाएं यह भजन

  • कठिन समय और संकट की घड़ी में मन को सांत्वना और धैर्य देता है।

  • भगवान श्रीकृष्ण पर विश्वास और भक्ति को और गहरा करता है।

  • इसे गाने से मन का बोझ हल्का होता है और भक्ति का शरणागत भाव प्रकट होता है।

कब गाएं

  • जब मन दुःखी हो और किसी समाधान की राह न दिख रही हो।

  • रात्रि की भजन संध्या, संकीर्तन या ध्यान में।

  • विशेष रूप से जन्माष्टमी, राधाष्टमी और साधना के समय

संक्षिप्त भावार्थ

“हे प्रभु बनवारी! मैं तेरे द्वार पर खड़ी एक दुखियारी हूँ। जीवन में अब कोई और सहारा नहीं बचा। मेरी आशाएँ टूट गईं, आँखों की रोशनी चली गई, और मैं संसार में भटक रही हूँ। हे कृष्ण! केवल तेरा ही दरबार मेरे लिए शरण है, मेरी अरज सुन लो।”

यह भजन गाते समय भक्त के हृदय से निकलने वाला भाव यही है कि प्रभु के अलावा कोई और सहारा नहीं।

Check other bhajan lyrics below:

Type of Bhajan Link to access bhajan
Bhajan Lyrics Click Here
Mata Rani Ke Bhajan Lyrics Click Here
Krishna Bhajan Lyrics Click Here
Ram Bhajan Lyrics Click Here
Shiv Bhajan Lyrics Click Here

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top