वर दे, वीणा वादिनि वर दे – सरस्वती वंदना हिंदी लिरिक्स
वर दे, वीणावादिनि वर दे।प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव,भारत में भर दे।वीणावादिनि वर दे ॥ काट अंध उर के […]
वर दे, वीणावादिनि वर दे।प्रिय स्वतंत्र रव, अमृत मंत्र नव,भारत में भर दे।वीणावादिनि वर दे ॥ काट अंध उर के […]
हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी,अम्ब विमल मति दे,अम्ब विमल मति दे। हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी,अम्ब विमल मति दे,अम्ब विमल मति दे।जग
हे सरस्वती माँ ज्ञान की देवी कृपा करो,देकर वरदान हे मात मेरा अज्ञान हरो। करुणामई है तू वरदानी, कमल तेरे
श्लोक: सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी,विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा। भजन के बोल (Lyrics): माँ शारदे कहाँ तू,वीणा बजा रही हैं,किस मंजु