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छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में भजन लिरिक्स और महिमा in Hindi

छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में भजन लिरिक्स और महिमा in Hindi

छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में भजन: इस विशेष भक्ति लेख में पाठकों के लिए संकटमोचन हनुमान जी का अत्यंत मनमोहक भजन ‘छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में’ प्रस्तुत किया गया है। यह भजन हनुमान जी की उस अनन्य भक्ति को दर्शाता है जहाँ वे भगवान श्री राम के नाम की मस्ती में सुध-बुध खोकर खड़ताल बजाते हुए नृत्य कर रहे हैं। यहाँ भजन के पूर्ण शब्द, प्रसिद्ध तर्ज ‘सज रहे भोलेनाथ’, प्रत्येक पद का भावपूर्ण हिंदी अर्थ और इस वंदना के आध्यात्मिक लाभों का विस्तार से वर्णन किया गया है ताकि भक्तजन प्रभु भक्ति का पूर्ण आनंद ले सकें।

छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में भजन

विवरण जानकारी
Bhajan Title छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में
Bhajan written by लोक संकलन (पारंपरिक)
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छम-छम नाचे हनुमान भजन लिरिक्स

✨ छम-छम नाचे हनुमान राम की धुन में,

राम की धुन में, सियाराम की धुन में,

हांथा ले खड़ताल, राम की धुन में …. छम-छम ।। टेर ।।

(तर्ज – सज रहे भोलेनाथ) ✨

🌿 राम को ही नाम अंके मन भावे,

सोवतां और जागतां यो राम नाम गावे,

लग्यो रहवे है ध्यान, राम की धुन में …. छम-छम ।। १ ।। 🌿

✨ सबसे प्रिय इन्ने लागे राम नाम है,

राम जी की सेवा ही प्रधान है,

व्यर्थ है बाकी काम, जो है दुनियां में …. छम-छम ।। २ ।। ✨

🌿 राम काज करिबे को रसिया,

राम लखन सीता मन बसिया,

राम है तन-मन-प्राण, बस्या रग-रग में …. छम-छम ।। ३ ।। 🌿

✨ अतुलित बल को धाम यो ही है,

राम मिलन की राह यो ही है,

कर अेंको गुणगान लाग सुमिरन में …. छम-छम ।। ४ ।। ✨

🌿 जै अंके सागे नाचेगो, राम न प्रिय लागण लागेगो,

यो हे देव महान, बस्यो कण-कण में …. छम-छम ।। ५ ।। 🌿

भजन का पंक्ति-वार अर्थ

  • छम-छम नाचे हनुमान…: हनुमान जी अपने हाथों में खड़ताल लेकर प्रभु श्री राम और माता सीता की भक्ति की धुन में मगन होकर छम-छम नाच रहे हैं।

  • राम को ही नाम अंके मन भावे…: हनुमान जी को केवल राम नाम ही प्रिय लगता है। वे सोते-जागते हर समय राम नाम का ही स्मरण करते हैं और उनका पूरा ध्यान राम भक्ति में लगा रहता है।

  • सबसे प्रिय इन्ने लागे राम नाम है…: उनके लिए संसार में राम नाम से बढ़कर कुछ नहीं है। प्रभु श्री राम की सेवा करना ही उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है, बाकी दुनिया के सारे काम उनके लिए व्यर्थ हैं।

  • राम काज करिबे को रसिया…: हनुमान जी श्री राम के कार्यों को करने में अत्यंत आनंद (रस) पाते हैं। उनके मन में राम, लक्ष्मण और माता सीता का वास है। प्रभु राम उनके तन-मन और प्राणों की प्रत्येक रग में बसे हुए हैं।

  • अतुलित बल को धाम यो ही है…: वे अतुलनीय बल के भंडार हैं और श्री राम से मिलने का एकमात्र मार्ग (राह) भी वही हैं। इसलिए भक्त को उनके गुणगान और सुमिरन में लग जाना चाहिए।

  • जै अंके सागे नाचेगो…: जो भी भक्त हनुमान जी की इस भक्ति में शामिल होकर उनके साथ नाचेगा (भाव विभोर होगा), उसे भी भगवान राम प्रिय लगने लगेंगे। यह महान देव सृष्टि के कण-कण में समाए हुए हैं।

छम-छम नाचे हनुमान महत्व

यह भजन हनुमान जी के ‘नर्तक’ और ‘भक्त’ स्वरूप को उजागर करता है। इसका आध्यात्मिक महत्व यह है कि जब कोई भक्त अपनी सारी चिंताएं छोड़कर ईश्वर के नाम की धुन में खो जाता है, तो उसे साक्षात आनंद की अनुभूति होती है। यह भजन अहंकार को मिटाकर केवल सेवा भाव और राम नाम के प्रति समर्पण सिखाता है।

छम-छम नाचे हनुमान क्यों जपना चाहिए?

इस भजन का गान करने से मन की व्याकुलता शांत होती है और एकाग्रता बढ़ती है। चूँकि हनुमान जी ‘राम मिलन की राह’ हैं, इसलिए उनके इस भजन को गाने से प्रभु श्री राम की कृपा स्वतः ही प्राप्त हो जाती है। यह भजन घर के वातावरण में सकारात्मकता और उत्साह का संचार करता है।

छम-छम नाचे हनुमान कब जपना चाहिए?

इस भजन को मुख्य रूप से मंगलवार और शनिवार की भजन संध्या, सुंदरकांड के पाठ के बाद या हनुमान जयंती के पावन अवसर पर गाना अत्यंत शुभ होता है। सुबह की पूजा के समय या शाम के कीर्तन में खड़ताल और ढोलक की थाप पर इस भजन का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।

डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई सभी जानकारी उपलब्ध इंटरनेट स्रोतों, भजन मालाओं और हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के आधार पर अपडेट की गई है।

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