मेरे सर पर रख बाबा अपने ये दोनों हाथ भजन के बोल (Lyrics – Hindi)
मेरे सर पर रख बाबा
अपने ये दोनों हाथ
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ
देने वाले श्याम प्रभु तो
धन और दौलत क्या मांगे
श्याम प्रभु से मांगे तो फिर
नाम और इज्जत क्या मांगे
मेरे जीवन में तू कर दे
बाबा कृपा की बरसात
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ..
श्याम तेरे चरणों की धूल तो
धन दौलत से महंगी है
मेरे दिल की तम्मना यही है
करूँ सेवा तेरी दिन रात
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ..
झुलस रहे हैं गम की धूप में
प्यार की छैय्या कर दे तू
बिन माझी के नाव चले न
अब पतवार पकड़ ले तू
मेरा रस्ता रौशन कर दे
छायी अन्धयारी रात
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ..
सुना है हमने शरणागत को
अपने गले लगाते हो
ऐसा हमने क्या माँगा जो
देने से घबराते हो
चाहे जैसे रख बनवारी
बस होती रहे मुलाकात
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ..
मेरे सर पर रख दो बाबा
अपने ये दोनों हाथ
देना हो तो दीजिए
जनम जनम का साथ
मेरे सर पर रख बाबा अपने ये दोनों हाथ: यह भजन एक ऐसे भक्त की पुकार है जो जीवन की हर परिस्थिति में बाबा श्याम का हाथ अपने सिर पर चाहता है। भजन में यह भाव स्पष्ट है कि सच्चे भक्त के लिए नाम, इज्जत और प्रभु की कृपा ही सबसे बड़ा धन है। श्याम के चरणों की धूल को संसार की सारी दौलत से अधिक मूल्यवान बताया गया है।
भजन के माध्यम से भक्त यह स्वीकार करता है कि ग़मों की धूप में केवल बाबा की कृपा ही शीतल छाया बन सकती है। बिना माझी के नाव जैसे भटकती है, वैसे ही जीवन भी प्रभु के बिना अधूरा है। अंत में भक्त यह विश्वास प्रकट करता है कि शरण में आए को बाबा कभी खाली हाथ नहीं लौटाते और बस उनकी कृपा से निरंतर मिलन बना रहे—यही सबसे बड़ी प्रार्थना है।
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मेरे सर पर रख बाबा अपने ये दोनों हाथ श्याम भजन से जुड़ी विशेष जानकारी
श्रेणी: श्री श्याम / खाटू श्याम भजन
भाव: शरणागति, कृपा, विश्वास
आराध्य: श्री श्याम (बनवारी, सांवरा)
विषय: बाबा के आशीर्वाद और जीवनभर के साथ की प्रार्थना
यह भजन हर उस भक्त के दिल को छूता है जो श्याम प्रभु के हाथ को अपने सिर पर महसूस करना चाहता है और जीवन भर उनकी शरण में रहना चाहता है। 🙏 जय श्री श्याम




















