×

ओ वृंदावन रहिण वालिया भजन लिरिक्स हिंदी में | अर्थ, महत्व और लाभ

ओ वृंदावन रहिण वालिया भजन लिरिक्स हिंदी में | अर्थ, महत्व और लाभ

यह ब्लॉग भगवान श्री कृष्ण के लोकप्रिय भजन “ओ वृंदावन रहिण वालिया” के बारे में संपूर्ण जानकारी देने के लिए तैयार किया गया है। इस लेख में भजन के पूरे लिरिक्स, भजन से जुड़ी मूल जानकारी, हर पंक्ति का सरल हिंदी अर्थ, इस भजन का आध्यात्मिक महत्व, इसे क्यों और कब गाना चाहिए जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है ताकि भक्त इस भजन को समझकर और अधिक श्रद्धा और प्रेम के साथ गा सकें।

विवरण जानकारी
Bhajan Title ओ वृंदावन रहिण वालिया
Bhajan written by पारंपरिक कृष्ण भजन
Find Other Bhajan bhajan.network

ओ वृंदावन रहिण वालिया Bhajan Lyrics

✤ ओ वृंदावन, रहिण वालिया,
तेरी शान निराली ए ॥
ओ तेरे नाल, लाईयां अखियां… हो… ।
साडी रोज दिवाली ए…
ओ वृंदावन रहिण…

✤ ओ सांवरे ने दिल मंगिया,
अस्सीं झटपट हां कीती ॥
ओ जनमां दा साथ मेरा… हो… ।
मेरे शाम ने हां कीती…
ओ वृंदावन रहिण…

✤ ओ सोहणे सोहणे नैणा वालिया,
दिल आ गया तेरे ते ॥
ओ वृंदावन रहिण वालिया… हो… ।
अस्सीं आशिक तेरे ते…
ओ वृंदावन रहिण…

✤ ओ तेरे पिछे जग छड्डिया,
सानूं तेरा सहारा ए ॥
ओ तेरा एह दवारा सज्जणा… हो… ।
सानूं जान तों प्यारा ए ॥
ओ वृंदावन रहिण…

✤ अपलोडर – अनिल राममूर्ति भोपाल

भजन का अर्थ (Line by Line Meaning)

ओ वृंदावन रहिण वालिया, तेरी शान निराली ए
भक्त भगवान श्री कृष्ण से कहते हैं कि वृंदावन में रहने वाले प्रभु की महिमा और शान सबसे अलग और अद्भुत है।

तेरे नाल लाईयां अखियां, साडी रोज दिवाली ए
जब भक्त की नजरें भगवान से मिलती हैं तो उसके जीवन में हर दिन दीपावली जैसा आनंद और खुशी आती है।

सांवरे ने दिल मंगिया, अस्सीं झटपट हां कीती
जब भगवान कृष्ण ने भक्त से प्रेम मांगा तो भक्त ने तुरंत अपने दिल को भगवान को समर्पित कर दिया।

जनमां दा साथ मेरा, मेरे शाम ने हां कीती
भक्त विश्वास करता है कि भगवान श्री कृष्ण उसका साथ कई जन्मों तक निभाएंगे।

सोहणे सोहणे नैणा वालिया, दिल आ गया तेरे ते
भगवान के सुंदर रूप और प्रेममयी आंखों को देखकर भक्त का दिल पूरी तरह उनके प्रेम में पड़ जाता है।

तेरे पिछे जग छड्डिया, सानूं तेरा सहारा ए
भक्त कहता है कि उसने संसार का मोह छोड़कर केवल भगवान को ही अपना सहारा बना लिया है।

तेरा एह दवारा सज्जणा, सानूं जान तों प्यारा ए
भगवान का द्वार भक्त को अपनी जान से भी अधिक प्रिय लगता है क्योंकि वहीं उसे सच्चा सुख और शांति मिलती है।

ओ वृंदावन रहिण वालिया Importance

यह भजन भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इसमें भक्त का यह भाव दिखाई देता है कि जब मनुष्य अपने जीवन में भगवान को अपना सहारा बना लेता है तो उसका जीवन सुख और शांति से भर जाता है। यह भजन हमें भगवान के प्रति अटूट प्रेम, भक्ति और विश्वास रखने की प्रेरणा देता है।

ओ वृंदावन रहिण वालिया Why People Should Chant

इस भजन को गाने से मन में भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम और श्रद्धा बढ़ती है। यह भजन मन को शांत करता है और भक्त को भगवान के करीब लाता है। जो व्यक्ति श्रद्धा के साथ इस भजन का कीर्तन करता है, उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद बढ़ता है।

ओ वृंदावन रहिण वालिया When People Should Chant

इस भजन को सुबह या शाम की पूजा के समय, मंदिर में, भजन-कीर्तन में या किसी भी शांत समय में गाया जा सकता है। विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण की पूजा, जन्माष्टमी, सत्संग या भक्ति कार्यक्रमों में यह भजन गाना बहुत शुभ माना जाता है।

Disclaimer: इस ब्लॉग में दी गई जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री तथा हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी प्रदान करना है।

Post Comment

Read More Bhajan Lyrics