प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै भजन के बोल (Lyrics – Hindi)
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आलस भरी तुम लता कुंज में, रच
शैय्या पौढ़ावै, जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै…
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै, जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै…
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंद उर ना समावै, जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै…
बार-बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै, जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै…
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै, जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै…
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै भजन में भक्त का हृदय अपने प्रिय के प्रेम में पूरी तरह डूबा हुआ दिखाई देता है। कुंज-वन में रची शैय्या, साथ-साथ विश्राम, एक-दूसरे की संगति और बार-बार दर्शन की लालसा—ये सभी भाव इस भजन को गहन आध्यात्मिक प्रेम से भर देते हैं। इसमें सांसारिक भोग-मुक्ति की इच्छा नहीं, बल्कि केवल उसी दिव्य सुख की चाह है जो प्रिय के सान्निध्य से प्राप्त होता है।
भजन का भाव इतना सरल और गहरा है कि सुनने वाला स्वयं को राधा-कृष्ण की प्रेममयी लीलाओं के बीच अनुभव करता है। यही माधुर्य भाव इस भजन को विशेष बनाता है।
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प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै भजन से जुड़ी विशेष जानकारी
श्रेणी: कृष्ण भजन
भाव: माधुर्य रस, श्रृंगार, आत्मिक प्रेम
मुख्य विषय: राधा-कृष्ण का एकांत प्रेम और दिव्य आनंद
रचनाकार/प्रस्तुति: बाबा धसका पागल, पानीपत
यह कृष्ण भजन भक्त के हृदय में प्रेम, तल्लीनता और ईश्वर के साथ एकाकार होने की भावना को जागृत करता है, जहाँ जीवन का सबसे बड़ा सुख केवल प्रभु के प्रेम में ही अनुभव होता है। 🙏 जय श्री कृष्ण




















