कितनी परीक्षा लोगे बाबा – भावपूर्ण कृष्ण भजन | Kitni Pariksha Loge Baba Lyrics in Hindi
कितनी परीक्षा लोगे बाबा एक अत्यंत भावुक और आत्मा को छू लेने वाला कृष्ण भजन है, जिसमें भक्त अपने दुख, विश्वास और समर्पण को बाबा श्याम के चरणों में रखता है। इस भजन को पढ़ने और गाने से मन को शांति, धैर्य और आस्था की शक्ति मिलती है।

कितनी परीक्षा लोगे बाबा Lyrics
कितनी परीक्षा लोगे बाबा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ,
हाथ पकड़ लो अब तो आकर,
हाथ पकड़ लो अब तो आकर,
मैं कष्टो ने घेरा हूँ।।
नहीं लायक मैं तेरे सांवरे,
बस तेरा विश्वास है,
तू हारे का एक सहारा,
बाबा तेरी आस है,
दूर करो यह श्याम अंधेरा,
दूर करो यह श्याम अंधेरा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ।।
तेरे बिना कहो किसे सुनाऊँ,
मैं अपने दिल की बाबा,
देखले आकर अपने भगत को,
खबर ना मंजिल की बाबा,
मुझे दिखादो कहाँ सवेरा,
मुझे दिखादो कहाँ सवेरा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ।।
बड़ी कतारे है दुखों की,
सुख का कहीं ना नाम है,
और किसी को ना जानू बस,
तू ही मेरा श्याम है,
कर लिया इंतजार भतेरा,
कर लिया इंतजार भतेरा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ।।
मत लो कठिन परीक्षा मेरी,
मैं बालक नादान हूँ,
कहे ‘भूलन’ बस तेरा आसरा,
दुनिया से अनजान हूँ,
काट हरि चौरासी फेरा,
काट हरि चौरासी फेरा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ।।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा,
तू मेरा मैं तेरा हूँ,
हाथ पकड़ लो अब तो आकर,
हाथ पकड़ लो अब तो आकर,
मैं कष्टो ने घेरा हूँ।।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा एक ऐसा भावपूर्ण कृष्ण भजन है जो एक साधारण भक्त के टूटे हुए मन, गहरे दुख और अटूट विश्वास को दर्शाता है। इस भजन में भक्त बाबा श्याम से कहता है कि “तू मेरा है और मैं तेरा हूँ”, फिर भी जीवन में कष्टों की परीक्षा लगातार क्यों चल रही है।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन हमें यह एहसास कराता है कि जब इंसान हर तरफ से हार जाता है, तब भी उसे अपने ईश्वर पर भरोसा नहीं छोड़ना चाहिए। यह भजन सीधे दिल से निकलकर भगवान तक पहुँचता है।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन का महत्व
कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन का महत्व बहुत गहरा है। यह भजन सिखाता है कि भगवान अपने भक्तों की परीक्षा जरूर लेते हैं, लेकिन उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ते। यह भजन धैर्य, विश्वास और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।
जो भी भक्त कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन को श्रद्धा से पढ़ता या गाता है, उसके मन में शांति आती है और नकारात्मकता दूर होती है।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन कब पढ़ें या गाएं
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जब जीवन में बहुत कष्ट हों
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जब मन दुखी और निराश हो
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जब कोई रास्ता नजर न आए
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एकादशी, रविवार या मंगलवार को
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सुबह ब्रह्म मुहूर्त या रात को सोने से पहले
कितनी परीक्षा लोगे बाबा भजन इन समयों में पढ़ने से मन को गहरी शांति और साहस मिलता है।
कितनी परीक्षा लोगे बाबा Video Song
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