सानूं तेरे मिलण दा चा योगी Lyrics in Hindi & English with Meaning
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी भजन: इस भजन के पूरे हिंदी और अंग्रेजी लिरिक्स, उसका गहरा अर्थ, महत्व और भक्तिमय भाव विस्तार से मिलेगा। यह भजन बाबा बालक नाथ जी को समर्पित है और भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। इस भजन में एक भक्त की अपने गुरु और आराध्य से मिलने की तीव्र इच्छा, प्रेम और समर्पण का बहुत ही सुंदर चित्रण किया गया है।
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी Bhajan Overview
| Key Detail | Information |
|---|---|
| Bhajan Name | सानूं तेरे मिलण दा चा योगी |
| Singer | Traditional |
| Category | बाबा बालक नाथ भजन |
| Language | Punjabi / Hindi |
| Dedicated To | बाबा बालक नाथ |
🎵 सानूं तेरे मिलण दा चा योगी Lyrics in Hindi
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी ।
ओ चाहे सुप्नियां दे विच आ योगी ।
ओ सानूं दर ते अपने बुला योगी ।
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी ।
फेरी तेरी खातर बाबा बाग लगाया ।
फुल्लां ते कलियां दा विच आसण सजाया ।
तूं आ के आसण ला योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा सिंगी मंगवाई ।
सिंगी मंगवा के लाल धागे विच पाई ।
ओ सारे भगतां दे दुखड़े मिटा योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा झोली सवाई ।
झोली सिवां के बाबा मौंढे उत्ते पाई ।
ओ सारे भगतां दी आस पुचा योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा पऊए मंगवाए ।
पऊए मंगवा के बाबा पैरां विच सजाए ।
ओ सारी संगत नूं चरणां नाल ला योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा धूणा मैं लगाया ।
धूणा लगा के बाबा चिमटा वी सजाया ।
ओ किते धूणे दे बहाने आ योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा चौंकी मैं लवाई ।
प्यारी प्यारी संगत मैं तां घर च बुलाई ।
ओ सारे भगतां नूं दर्श दिखा योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा रोट बनाया ।
रोट बना के बाबा तैनूं है बुलाया ।
ओ हुण भोग दे बहाने आ योगी,
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
फेरी तेरी खातर बाबा झंडा इक बनाया ।
गोटा ते किनारी ला के ओहनूं है सजाया ।
ओ हुण मोर ते सवार हो के आ योगी,
ओ सारे भगतां नूं दर्श दिखा योगी ।
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
जी करदा मैं तेरी नौकर बन जां जोगिया ।
जी करदा मैं तेरी जोगण बन जां जोगिया ।
तूं मालिक बन के आ योगी ।
आ के भगतां ते रहमतां बरसा योगी ।
सानूं तेरे मिलण दा चा योगी…
ओ प्रेम से बोलो… जय बाबे दी…
🎶 Lyrics in English (Transliteration)
Sanu tere milan da cha yogi.
O chahe supniyan de vich aa yogi.
O sanu dar te apne bula yogi.
Sanu tere milan da cha yogi.
Pheri teri khatar baba baag lagaya.
Phullan te kaliyan da vich aasan sajaya.
Tu aa ke aasan la yogi,
Sanu tere milan da cha yogi…
Pheri teri khatar baba singi mangwayi.
Singi mangwa ke laal dhage vich payi.
O saare bhagtan de dukhde mita yogi,
Sanu tere milan da cha yogi…
🧠 Meaning of सानूं तेरे मिलण दा चा योगी (Detailed Explanation)
यह भजन एक भक्त के हृदय की उस गहरी पुकार को व्यक्त करता है, जिसमें वह अपने आराध्य बाबा बालक नाथ से मिलने के लिए व्याकुल है। “सानूं तेरे मिलण दा चा योगी” का अर्थ है—हमें आपसे मिलने की बहुत तीव्र इच्छा है। यह केवल एक इच्छा नहीं, बल्कि आत्मा की परमात्मा से मिलने की तड़प है।
भजन में भक्त बार-बार अपने भावों को अलग-अलग तरीकों से व्यक्त करता है। वह कहता है कि अगर प्रत्यक्ष रूप से दर्शन नहीं हो सकते, तो कम से कम सपनों में ही आ जाओ। यह भाव दर्शाता है कि सच्चा भक्त किसी भी रूप में अपने भगवान का अनुभव करना चाहता है।
हर अंतरे में भक्त अपनी तैयारी और सेवा का वर्णन करता है—कहीं वह बाग लगाता है, कहीं आसन सजाता है, कहीं रोट बनाता है। ये सभी चीजें प्रतीक हैं उस प्रेम और समर्पण के, जो वह अपने आराध्य के लिए महसूस करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि भक्ति केवल मंदिर जाकर पूजा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे हर कर्म में दिखाई देनी चाहिए।
इस भजन का सबसे भावुक हिस्सा तब आता है जब भक्त कहता है कि वह भगवान का नौकर या जोगन बनना चाहता है। यहाँ वह अपने अहंकार को पूरी तरह त्याग देता है और खुद को पूरी तरह समर्पित कर देता है। यही सच्ची भक्ति है—जहाँ ‘मैं’ का भाव समाप्त हो जाता है और केवल भगवान का अस्तित्व रह जाता है।
यह भजन सुनने या गाने से मन में एक अलग ही शांति और सुकून का अनुभव होता है। यह हमें याद दिलाता है कि भगवान से जुड़ने के लिए सबसे जरूरी चीज है—सच्चा दिल और अटूट विश्वास।
🙏 इस भजन का महत्व
यह भजन बाबा बालक नाथ जी के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे गाने से भक्त और भगवान के बीच का संबंध और गहरा होता है।
यह भजन विशेष रूप से रविवार, बाबा की चौंकी, या किसी विशेष पूजा के समय गाया जाता है। इसे गाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मन को शांति मिलती है।
आध्यात्मिक रूप से यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि सादगी और समर्पण होना चाहिए।
📖 Story Behind the Bhajan
यह भजन लोकभक्ति परंपरा से जुड़ा हुआ है और इसका कोई एक निश्चित रचयिता नहीं है। यह भजन समय के साथ भक्तों की भावना से विकसित हुआ है।
इसमें बाबा बालक नाथ जी की सेवा और उनके प्रति श्रद्धा को बहुत ही सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह भजन उन भक्तों के लिए एक माध्यम है, जो अपने आराध्य से जुड़ना चाहते हैं और उनकी कृपा पाना चाहते हैं।
🎧 Listen to सानूं तेरे मिलण दा चा योगी
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❓ FAQs
Q1. सानूं तेरे मिलण दा चा योगी किसने गाया है?
यह एक पारंपरिक भजन है जिसे कई भजन गायकों ने गाया है।
Q2. यह भजन किस भगवान से जुड़ा है?
यह भजन बाबा बालक नाथ जी को समर्पित है।
Q3. इस भजन का अर्थ क्या है?
यह भजन भगवान से मिलने की तीव्र इच्छा और समर्पण को दर्शाता है।
Q4. यह भजन कब गाना चाहिए?
इसे रविवार, पूजा या चौंकी के समय गाना शुभ माना जाता है।
Q5. क्या यह भजन डाउनलोड किया जा सकता है?
हाँ, आप इसे YouTube या अन्य प्लेटफॉर्म से सुन सकते हैं।
Q6. क्या यह भजन रोज गा सकते हैं?
हाँ, इसे रोज गाने से मन को शांति मिलती है।
“सानूं तेरे मिलण दा चा योगी” एक ऐसा भजन है जो भक्त और भगवान के बीच के प्रेम को बहुत ही सुंदर तरीके से व्यक्त करता है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति में केवल प्रेम और समर्पण की आवश्यकता होती है।
अगर आपको यह भजन पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें और भक्ति का आनंद लें।
⚠️ Disclaimer
This lyrics content is for devotional and educational purposes only.

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