होरी खेले बम बम भोला भजन के संपूर्ण लिरिक्स, अर्थ, महत्व
होरी खेले बम बम भोला भजन: यह ब्लॉग भक्ति और अध्यात्म से जुड़े सुंदर भजनों के लिरिक्स, उनका अर्थ, महत्व और उनसे मिलने वाली आध्यात्मिक प्रेरणा को सरल हिंदी में प्रस्तुत करने के लिए बनाया गया है। यहां भक्तों को विभिन्न देवी-देवताओं के लोकप्रिय भजन पढ़ने, समझने और गाने का अवसर मिलता है, जिससे वे भक्ति में और अधिक जुड़ सकें और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर सकें।
Bhajan Title: होरी खेले बम बम भोला
Bhajan written by: पारंपरिक
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होरी खेले बम बम भोला Bhajan Lyrics
✿ भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला ।।
✿ इत् से आए श्याम बिहारी, उत्त से आये श्मशान बिहारी,
लेकर गण ग्वालों का टोला, होरी खेले बम बम भोला,
भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला ।।
✿ इत्त से श्याम ने रंग बरसाया, पिचकारी से सबको भिगाया,
गंगा ने द्वारा खोला, होरी खेले बम बम भोला,
भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला ।।
✿ इत्त से प्यारा डमरू बोले, उत्त से बांसुरी होले होले,
वाह रे भोला तेरा होला, होरी खेले बम बम भोला,
भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला ।।
✿ भोले ने जब राख उड़ाई, राख को लाल गुलाल बनाई,
हरिहर में रंगा है चोला, होरी खेले बम बम भोला,
भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला ।।
भजन का अर्थ (लाइन दर लाइन)
भर लाये भभूत का झोला, होरी खेले बम बम भोला – इस पंक्ति में भगवान शिव को भस्म से भरा झोला लेकर होली खेलते हुए दिखाया गया है, जो उनके वैराग्य और साधु स्वरूप को दर्शाता है।
इत् से आए श्याम बिहारी, उत्त से आये श्मशान बिहारी – यहां भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के मिलन का वर्णन किया गया है, जहां दोनों अपने-अपने भक्तों के साथ होली खेलने आते हैं।
लेकर गण ग्वालों का टोला – श्रीकृष्ण अपने ग्वाल मित्रों के साथ और भगवान शिव अपने गणों के साथ होली का उत्सव मनाने आते हैं।
इत्त से श्याम ने रंग बरसाया, पिचकारी से सबको भिगाया – श्रीकृष्ण प्रेम और आनंद के रंग से सभी को सराबोर कर देते हैं।
गंगा ने द्वारा खोला – गंगा माता का पवित्र आशीर्वाद इस दिव्य उत्सव में शामिल होता है।
इत्त से प्यारा डमरू बोले, उत्त से बांसुरी होले होले – भगवान शिव का डमरू और भगवान कृष्ण की बांसुरी दोनों की मधुर ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
वाह रे भोला तेरा होला – भगवान शिव की अद्भुत होली की प्रशंसा की जा रही है।
भोले ने जब राख उड़ाई, राख को लाल गुलाल बनाई – शिवजी की भस्म भी प्रेम और आनंद के रंग में बदल जाती है।
हरिहर में रंगा है चोला – यहां हरि (विष्णु/कृष्ण) और हर (शिव) की एकता और प्रेम का प्रतीक बताया गया है।
होरी खेले बम बम भोला Importance
यह भजन भगवान शिव और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का सुंदर संगम दर्शाता है। इसमें होली के त्योहार के माध्यम से भक्तों को यह संदेश दिया गया है कि भगवान की भक्ति में प्रेम, आनंद और समानता का भाव होना चाहिए। इस भजन को गाने से भक्तों के मन में भक्ति की भावना जागृत होती है और वे भगवान के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त कर पाते हैं।
होरी खेले बम बम भोला Why People Should Chant
इस भजन का जाप या गायन करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद का संचार होता है। यह भजन भक्तों को भगवान शिव और श्रीकृष्ण दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है। इसके माध्यम से भक्त अपने जीवन की चिंताओं को भूलकर भक्ति और आनंद के रंग में डूब जाते हैं।
होरी खेले बम बम भोला When People Should Chant
इस भजन को विशेष रूप से होली के पर्व के समय गाया जाता है। इसके अलावा शिवरात्रि, फाल्गुन मास के उत्सव, मंदिरों में भजन संध्या या किसी भी भक्ति कार्यक्रम में इसे गाया जा सकता है। भक्त जब भी भगवान शिव और श्रीकृष्ण की भक्ति में आनंद महसूस करना चाहते हैं, तब इस भजन का गायन कर सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई सभी जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री तथा हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी प्रदान करना है।

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