रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर लिरिक्स | Rota Hai Kyon Tu Baware Bhajan Lyrics
रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर लिरिक्स: यह ब्लॉग भक्तों के लिए विभिन्न देवी-देवताओं के लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स, उनका सरल अर्थ, महत्व और उनसे मिलने वाली आध्यात्मिक प्रेरणा को हिंदी में प्रस्तुत करता है। यहां भक्तजन श्रीकृष्ण, शिव, राम और अन्य देवी-देवताओं के भजन पढ़कर भक्ति में लीन हो सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मकता, विश्वास और आध्यात्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।
Bhajan Title: रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर
Bhajan written by: शेखर मौर्य
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रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर Bhajan Lyrics
✿ रोता है क्यों तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर,
दीनों का नाथ साँवरा,
लेगा तेरी खबर।।
✿ तर्ज – मिलती है जिंदगी में।
✿ कोई यहां नहीं तेरा,
आंसू जो पोंछ दे,
इस जग की रित है यही,
इतना तू सोच ले,
दुनियां को भूल श्याम से,
बस तू उम्मीद कर,
रोता है क्यूँ तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर।।
✿ सेठों का सेठ है यहां,
बैठा जो सामने,
जिनको भी देखो वो यहां,
आता है मांगने,
राजा हो या हो रंक वो,
मांगे है बेफिकर,
रोता है क्यूँ तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर।।
✿ दर दर झुकाना शिश को,
अच्छा नहीं कहीं,
करता जो भक्तों की फिकर,
दातार है वही,
इनकी कृपा हुई तभी,
आया तू द्वार पर,
रोता है क्यूँ तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर।।
✿ इस दर की बात क्या कहूं,
आया जो हार कर,
हारे का साथी श्याम है,
लिखा है द्वार पर,
‘कैलाश’ पे यकीन कर,
चौखट पे रख दे सर,
रोता है क्यूँ तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर।।
✿ रोता है क्यों तू बावरे,
रख तो ज़रा सबर,
दीनों का नाथ साँवरा,
लेगा तेरी खबर।।
भजन का अर्थ (लाइन दर लाइन)
रोता है क्यों तू बावरे, रख तो ज़रा सबर – इस पंक्ति में भक्त को धैर्य रखने की सलाह दी गई है और बताया गया है कि कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए।
दीनों का नाथ साँवरा, लेगा तेरी खबर – भगवान श्रीकृष्ण को दीन-दुखियों का सहारा बताया गया है जो हर भक्त की चिंता करते हैं।
कोई यहां नहीं तेरा, आंसू जो पोंछ दे – संसार में हर कोई अपने स्वार्थ में लगा रहता है, इसलिए सच्चा सहारा केवल भगवान ही हैं।
इस जग की रित है यही – दुनिया की यही सच्चाई है कि यहां हर व्यक्ति अपने काम में व्यस्त है।
दुनियां को भूल श्याम से बस तू उम्मीद कर – भक्त को भगवान श्रीकृष्ण पर विश्वास रखने और उनसे आशा करने की प्रेरणा दी गई है।
सेठों का सेठ है यहां बैठा जो सामने – भगवान को सबसे बड़ा दाता बताया गया है, जिनके सामने हर व्यक्ति याचक बनकर आता है।
राजा हो या हो रंक वो मांगे है बेफिकर – भगवान के दरबार में अमीर-गरीब सभी समान हैं और सभी उनसे कृपा की याचना करते हैं।
दर दर झुकाना शिश को अच्छा नहीं कहीं – हर जगह भटकने से बेहतर है कि भगवान की शरण में आ जाएं।
करता जो भक्तों की फिकर दातार है वही – भगवान अपने भक्तों की चिंता करते हैं और उनकी सहायता करते हैं।
हारे का साथी श्याम है – भगवान श्रीकृष्ण को उन लोगों का सहारा बताया गया है जो जीवन में हार या कठिनाई का सामना कर रहे होते हैं।
चौखट पे रख दे सर – भगवान के चरणों में समर्पण करने से जीवन की समस्याओं का समाधान मिल सकता है।
रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर Importance
यह भजन भक्तों को धैर्य, विश्वास और भगवान पर भरोसा रखने का संदेश देता है। इसमें बताया गया है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, भगवान श्रीकृष्ण हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। यह भजन निराश और परेशान लोगों के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर Why People Should Chant
इस भजन का गायन करने से मन में विश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है। यह भजन हमें सिखाता है कि भगवान पर भरोसा रखने से जीवन की परेशानियां हल्की लगने लगती हैं। इसे गाने से मानसिक शांति मिलती है और भक्त का भगवान श्रीकृष्ण के साथ आध्यात्मिक संबंध मजबूत होता है।
रोता है क्यों तू बावरे रख तो ज़रा सबर When People Should Chant
इस भजन को किसी भी समय गाया जा सकता है, विशेष रूप से तब जब व्यक्ति जीवन में कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा हो। इसके अलावा इसे भजन संध्या, मंदिरों में कीर्तन, श्रीकृष्ण पूजा, जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी गाया जाता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई सभी जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री तथा हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी प्रदान करना है।
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