बुलावो म्हारा श्याम रो आयो लिरिक्स | Bulavo Mhara Shyam Ro Aayo Rajasthani Bhajan Lyrics
बुलावो म्हारा श्याम रो आयो भजन: यह ब्लॉग भक्तों के लिए विभिन्न देवी-देवताओं के लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स, उनका सरल अर्थ, भजन का आध्यात्मिक महत्व, भजन क्यों गाना चाहिए और कब गाना चाहिए जैसी महत्वपूर्ण जानकारी हिंदी में प्रस्तुत करता है। यहां पाठकों को कृष्ण, शिव, राम और अन्य देवी-देवताओं के भजनों के पूरे लिरिक्स के साथ-साथ उनका भावार्थ भी पढ़ने को मिलता है ताकि भक्तजन भजन को समझकर गा सकें और अपने जीवन में भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकें।
Bhajan Title: बुलावो म्हारा श्याम रो आयो
Bhajan written by: परंपरागत (राजस्थानी भजन)
Find Other Bhajan @bhajan.network: https://bhajan.network
बुलावो म्हारा श्याम रो आयो Bhajan Lyrics
✦ बुलावो म्हारा श्याम रो आयो,
ठाकुर जी को फुलडोल आयो.
बुलावों मारा श्याम रो आयो,
आनंद रो यो छोर ना पायो।।
✦ बुलावों मारा श्याम रो आयो,
दिवानो थारा दर्शन ने आयो,
बुलावों मारा श्याम रो आयो,
ठाकुर जी को फुलडोल आयो।।
✦ चालो रे भाया सिंगोली चालो,
गुलाला रा कट्टा भर भर लो,
फुला री या जोली भी भरलो,
श्याम संग फाग सब खेलो,
ठाकुर जी के रंग से थे रंग लो,
बुलावों मारा श्याम रो आयो,
ठाकुर जी को फुलडोल आयो।।
✦ फागण यो थारा साथ में खेला,
भजन ओर बाकी है लिखणा,
हो सांवरा थाने पुरा करणा,
देव ने चरणा में राखो,
भगत की अर्जी है सुणलो,
बुलावों मारा श्याम रो आयो,
ठाकुर जी को फुलडोल आयो।।
✦ बुलावो म्हारा श्याम रो आयो,
ठाकुर जी को फुलडोल आयो,
बुलावों मारा श्याम रो आयो,
आनंद रो यो छोर ना पायो।।
भजन का अर्थ (लाइन दर लाइन)
बुलावो म्हारा श्याम रो आयो – इस पंक्ति में भक्त भगवान श्रीकृष्ण के आगमन की खुशी व्यक्त कर रहा है और सभी को उन्हें बुलाने के लिए कह रहा है।
ठाकुर जी को फुलडोल आयो – यह दर्शाता है कि भगवान के स्वागत के लिए फूलों का उत्सव और आनंद का माहौल है।
आनंद रो यो छोर ना पायो – भगवान के आने से खुशी और आनंद की कोई सीमा नहीं रही।
दिवानो थारा दर्शन ने आयो – भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए प्रेम और भक्ति से भरे हुए आते हैं।
चालो रे भाया सिंगोली चालो – इसमें सभी भक्तों को एक साथ उत्सव में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है।
गुलाला रा कट्टा भर भर लो – होली और फागुन के उत्सव में रंग और गुलाल का विशेष महत्व बताया गया है।
फुला री या जोली भी भरलो – फूलों से झोली भरकर भगवान का स्वागत करने की भावना व्यक्त की गई है।
श्याम संग फाग सब खेलो – भगवान श्रीकृष्ण के साथ फाग और होली खेलने की खुशी दिखाई गई है।
ठाकुर जी के रंग से थे रंग लो – भक्तों को भगवान के प्रेम और भक्ति के रंग में रंगने की प्रेरणा दी गई है।
फागण यो थारा साथ में खेला – फागुन के पावन महीने में भगवान के साथ आनंद और भक्ति का उत्सव मनाया जाता है।
भगत की अर्जी है सुणलो – भक्त भगवान से अपनी प्रार्थना और विनती सुनने की विनती करता है।
बुलावो म्हारा श्याम रो आयो Importance
यह भजन फागुन और होली के उत्सव से जुड़ी भक्ति और आनंद को दर्शाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, उत्साह और भक्तों की भक्ति का भाव प्रकट होता है। यह भजन भक्तों को भगवान के साथ जुड़कर भक्ति और आनंद का अनुभव करने की प्रेरणा देता है।
बुलावो म्हारा श्याम रो आयो Why People Should Chant
इस भजन का गायन करने से मन में भक्ति, प्रेम और आनंद की भावना बढ़ती है। यह भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के साथ आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसे गाने से भक्तों को मानसिक शांति और भगवान के प्रति गहरा विश्वास प्राप्त होता है।
“बुलावो म्हारा श्याम रो आयो” When People Should Chant
इस भजन को विशेष रूप से फागुन माह, होली के उत्सव, भजन संध्या, मंदिरों में कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान गाया जाता है। इसके अलावा जब भी भक्त भगवान श्रीकृष्ण के साथ भक्ति और आनंद का अनुभव करना चाहते हैं, तब इस भजन का गायन किया जा सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई सभी जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री तथा हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक और आध्यात्मिक जानकारी प्रदान करना है।
Post Comment