सांवेर के उल्टे हनुमान भजन लिरिक्स और महिमा in Hindi
सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम भजन: इस ब्लॉग में भक्तगणों के लिए इंदौर के निकट सांवेर में स्थित प्रसिद्ध उल्टे हनुमान जी महाराज का अत्यंत प्रिय भजन ‘सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम’ प्रस्तुत किया गया है। पाठकों की सुविधा के लिए यहाँ भजन के पूर्ण लिरिक्स, लेखक का नाम, प्रत्येक पंक्ति का सरल हिंदी अर्थ, और इस विशेष मंदिर की महिमा का वर्णन किया गया है ताकि आप भक्ति भाव के साथ इस अलौकिक शक्ति का अनुभव कर सकें।
| विवरण | जानकारी |
| Bhajan Title | सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम |
| Bhajan written by | जयंत संख्ला जी |
| Find Other Bhajan | @bhajan.network |
सांवेर के उल्टे हनुमान भजन लिरिक्स
✨ मारुतिनंदन हे दुःख भंजन जग में बड़ा तेरा नाम,
सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम,
राम राम सियाराम, राम राम सियाराम ।। ✨
🌿 रहते हो सांवेर में ही और मुझसे अंजान,
कब दया मुझपे करोगे बाबा दया निधान,
अर्जी तुमसे रोज लगाऊं आकर तेरे धाम,
सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम ।। 🌿
✨ तेरे बिन जीवन के सफर को कैसे करूं मैं पार,
हाथ पकड़ के पार लगा दो सांवेर के सरकार,
तेरी शरण में बाबा मुझको मिल जाए आराम,
सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम ।। ✨
🌿 अला बलाएं उसे जहां की क्या करे परेशान,
इस दुनिया में जिसकी रक्षा खुद करे हनुमान,
मेरे भी सर पर हाथ रख दो जपूं मैं सीताराम,
सांवेर के उल्टे हनुमान कर दो मेरे भी सीधे काम ।। 🌿
भजन का पंक्ति-वार अर्थ
-
मारुतिनंदन हे दुःख भंजन…: हे पवनपुत्र, दुखों को दूर करने वाले हनुमान जी, पूरे संसार में आपकी कीर्ति है। हे सांवेर के प्रसिद्ध उल्टे हनुमान जी, आप मेरे बिगड़े हुए कामों को सीधा (सफल) कर दीजिए।
-
रहते हो सांवेर में ही और मुझसे अंजान…: हे दया के भंडार बाबा, आप सांवेर धाम में निवास करते हैं, फिर भी क्या आप मेरी पीड़ा से अनजान हैं? मैं रोज आपके मंदिर आकर अर्जी लगाता हूँ, अब मुझ पर अपनी कृपा कीजिए।
-
तेरे बिन जीवन के सफर को कैसे करूं मैं पार…: हे सांवेर के सरकार, आपके बिना जीवन की वैतरणी पार करना असंभव है। मेरा हाथ थाम लीजिए और मुझे इस भवसागर से पार लगाइए क्योंकि आपकी शरण में ही सच्चा सुख और शांति है।
-
अला बलाएं उसे जहां की क्या करे परेशान…: जिस भक्त की रक्षा स्वयं बजरंगबली करते हों, उसे दुनिया की कोई भी बुरी बाधा या समस्या परेशान नहीं कर सकती। हे प्रभु, मेरे सिर पर भी अपना आशीर्वाद का हाथ रख दें ताकि मैं निरंतर सीताराम का जाप करता रहूं।
सांवेर के उल्टे हनुमान महत्व
सांवेर के हनुमान जी का मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है जहाँ हनुमान जी की प्रतिमा उल्टी (सिर नीचे और पैर ऊपर) है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अहिरावण का वध करने के लिए हनुमान जी इसी स्थान से पाताल लोक में प्रविष्ट हुए थे। यहाँ दर्शन करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं और असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
सांवेर के उल्टे हनुमान क्यों जपना चाहिए?
इस भजन का गान करने से मन में आत्मविश्वास जागृत होता है। चूँकि यहाँ हनुमान जी का स्वरूप ‘विजय’ का प्रतीक है, इसलिए जब भक्त मुश्किल दौर से गुजर रहा हो या उसके काम अटक रहे हों, तो इस भजन के माध्यम से हनुमान जी को पुकारने से मानसिक शक्ति और ईश्वरीय सहायता प्राप्त होती है।
सांवेर के उल्टे हनुमान कब जपना चाहिए?
वैसे तो हनुमान जी की भक्ति के लिए हर पल शुभ है, लेकिन विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को इस भजन का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। संकट के समय, किसी नए कार्य की शुरुआत में या सांवेर मंदिर की यात्रा के दौरान इस भजन को भावपूर्ण हृदय से गाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध विवरणों और हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर अपडेट की गई है। भजन के शब्दों और धार्मिक तथ्यों की शुद्धता का पूरा प्रयास किया गया है।

Post Comment