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करो हनुमान दया की कौर भजन लिरिक्स | Karo Hanuman Daya Ki Kaur Lyrics

करो हनुमान दया की कौर भजन लिरिक्स | Karo Hanuman Daya Ki Kaur Lyrics

करो हनुमान दया की कौर भजन लिरिक्स : इस ब्लॉग में हमने भक्त शिरोमणि हनुमान जी के अत्यंत भावपूर्ण भजन ‘करो हनुमान दया की कौर’ को शामिल किया है, जिसमें पाठकों के लिए भजन के शुद्ध हिंदी और अंग्रेजी लिरिक्स, प्रत्येक पंक्ति का सरल अर्थ और इस भजन के आध्यात्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह ब्लॉग हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने, उनके बल और दयालुता का गुणगान करने और भक्तों को सही विधि व समय पर जाप करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

Bhajan Title: करो हनुमान दया की कौर

Bhajan written by: सांवर जी

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करो हनुमान दया की कौर Bhajan Lyrics

Hindi Lyrics:

ॐ करो हनुमान दया की कौर, ॐ आप समान दयालु दाता, बीरबली नहीं और ।।

~ तर्ज – फकीरी अलबेला ~

बड़े-बड़े तुम काज संवारे, महाबीर बलधारी – २,

राम सिया के पायक तुमहो, असुरों के संहारी – २,

उठा गिरी संजीवनी लाये, हो नहीं पायी भोर ।। करो…।।

नाम आपका बीर शिरोमणी, अजर अमर बरदानी – २,

नाम लेत अघ नासे सारे, तेरा ना कोई शानी – २,

दृढ़ विश्वास भाव भक्ति से, रहते सदा विभोर ।। करो…।।

श्याम दरश की आश पुराकर, मेरी पीड़ मिटावो – २,

सारे क्लेश मिटा कर दाता, मुझको भी अपनावों – २,

‘सांवर’ दास कृपा कर मुझपे, अब तो कर लो गौर ।। करो…।।

English Lyrics:

Karo Hanuman Daya Ki Kaur, Aap Saman Dayalu Daata, Birbali Nahi Aur…

Tarz – Fakiri Albela ~

Bade-Bade Tum Kaaj Sanvaare,

Mahabir Baldhaari, Ram Siya Ke Paayak Tumho,

Asuron Ke Sanhaari, Utha Giri Sanjeevani Laaye,

Ho Nahi Paayi Bhor… Karo…

Naam Aapka Bir Shiromani, Ajar Amar Bardaani,

Naam Let Agh Naase Saare, Tera Na Koi Shaani,

Dridh Vishwas Bhaav Bhakti Se, Rehte Sada Vibhor… Karo…

Shyam Darash Ki Aash Puraakar, Meri Peed Mitavo,

Saare Klesh Mita Kar Daata, Mujhko Bhi Apnavon,

‘Sanwar’ Daas Kripa Kar Mujhpe, Ab To Kar Lo Gaur… Karo…

भजन का पंक्ति-वार अर्थ

  • करो हनुमान दया की कौर, आप समान दयालु दाता, बीरबली नहीं और: हे हनुमान जी, मुझ पर अपनी दया दृष्टि डालिए; आपके समान दयालु और कोई दूसरा बलवान दाता इस संसार में नहीं है।

  • बड़े-बड़े तुम काज संवारे, महाबीर बलधारी: हे महाबली हनुमान, आपने देवताओं और भक्तों के बड़े-बड़े कठिन कार्यों को चुटकियों में सिद्ध किया है।

  • राम सिया के पायक तुमहो, असुरों के संहारी: आप भगवान श्री राम और माता सीता के परम सेवक हैं और आपने दुष्ट राक्षसों का संहार किया है।

  • उठा गिरी संजीवनी लाये, हो नहीं पायी भोर: लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए आप पूरा पर्वत उठा लाए और भोर (सुबह) होने से पहले ही संजीवनी पहुँचा दी।

  • नाम आपका बीर शिरोमणी, अजर अमर बरदानी: आपका नाम वीरों में श्रेष्ठ है, आप अजर-अमर हैं और भक्तों को मनचाहा वरदान देने वाले हैं।

  • नाम लेत अघ नासे सारे, तेरा ना कोई शानी: आपका नाम लेते ही समस्त पाप और कष्ट नष्ट हो जाते हैं, आपकी बराबरी करने वाला कोई नहीं है।

  • दृढ़ विश्वास भाव भक्ति से, रहते सदा विभोर: जो भक्त दृढ़ विश्वास और सच्ची भक्ति से आपको पुकारता है, वह सदा आपके प्रेम में मग्न रहता है।

  • श्याम दरश की आश पुराकर, मेरी पीड़ मिटावो: प्रभु के दर्शन की मेरी इच्छा पूरी करें और मेरे जीवन के दुखों को दूर करें।

  • सांवर दास कृपा कर मुझपे, अब तो कर लो गौर: कवि ‘सांवर’ कहते हैं कि हे प्रभु, अब मुझ दास पर अपनी कृपा दृष्टि डालिए और मेरी पुकार सुन लीजिए।

करो हनुमान दया की कौर Importance

इस भजन का महत्व हनुमान जी की असीम शक्ति और उनकी दयालुता को दर्शाता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हनुमान जी न केवल संकटमोचन हैं, बल्कि वे बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता भी हैं। इस भजन के गायन से भक्त के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और मन से भय का नाश होता है। यह शरणागति के भाव को जागृत करता है, जो भक्ति मार्ग में अत्यंत आवश्यक है।

करो हनुमान दया की कौर Why People Should Chant

लोगों को इस भजन का जाप इसलिए करना चाहिए क्योंकि यह मानसिक शांति प्रदान करता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है। यदि कोई व्यक्ति जीवन में कठिन बाधाओं का सामना कर रहा है, तो यह भजन उसे साहस प्रदान करता है। हनुमान जी को “दया की कौर” (दया की भिक्षा) के लिए पुकारने से अहंकार मिटता है और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास पैदा होता है।

करो हनुमान दया की कौर When People Should Chant

वैसे तो ईश्वर की भक्ति का कोई निश्चित समय नहीं होता, लेकिन इस भजन का जाप विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसे सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर या संध्या आरती के समय समूह में गाने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है। संकट के समय या मन विचलित होने पर भी इसका पाठ करना शांति देता है।

डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध विवरणों और हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर अपडेट की गई है। भजन के बोल और अर्थ में भिन्नता संभव है।

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