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हे दुःख भन्जन मारुती नंदन लिरिक्स | Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Lyrics

हे दुःख भन्जन मारुती नंदन लिरिक्स | Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Lyrics

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन श्री हनुमान भजन: इस ब्लॉग में संकटमोचन श्री हनुमान जी के परम प्रिय भजन ‘हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन’ का संपूर्ण संग्रह प्रस्तुत किया गया है, जिसमें पाठकों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भावपूर्ण बोल (lyrics) दिए गए हैं। इसके साथ ही, पाठकों की आध्यात्मिक समझ को गहरा करने के लिए प्रत्येक पंक्ति का सरल अर्थ, इस भजन के गायन का विशेष महत्व और इसे जपने के उचित समय के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई है ताकि भक्तगण पूर्ण श्रद्धा के साथ बजरंगबली की आराधना कर सकें।

Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan Lyrics

विवरण जानकारी
Bhajan Title हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन (Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan)
Bhajan written by पारंपरिक (Traditional)
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हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन Bhajan Lyrics

ॐ ✨ Hindi Lyrics ✨ ॐ

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,

सुन लो मेरी पुकार ।

पवनसुत विनती बारम्बार ॥

अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता,

दुखिओं के तुम भाग्यविधाता ।

सियाराम के काज सवारे,

मेरा करो उद्धार ॥

पवनसुत विनती बारम्बार ।

अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी,

तुम पर रीझे अवधबिहारी ।

भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे,

कर दुखों से पार ॥

पवनसुत विनती बारम्बार ।

जपूँ निरंतर नाम तिहरा,

अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।

रामभक्त मोहे शरण मे लीजे,

भाव सागर से तार ॥

पवनसुत विनती बारम्बार ।

ॐ ✨ English Lyrics ✨ ॐ

Hey Dukh Bhanjan, Maruti Nandan,

Sun Lo Meri Pukaar.

Pawansut Vinti Baarambaar.

Asht Siddhi, Nav Nidhi Ke Daata,

Dukhion Ke Tum Bhagyavidhaata.

Siyaram Ke Kaaj Saware,

Mera Karo Uddhaar.

Pawansut Vinti Baarambaar.

Aparampar Hai Shakti Tumhari,

Tum Par Reejhe Avadhbihari.

Bhaktibhav Se Dhyaun Tohe,

Kar Dukhon Se Paar.

Pawansut Vinti Baarambaar.

Japun Nirantar Naam Tihara,

Ab Nahi Chhodun Tera Dwara.

Rambhakt Mohe Sharan Me Leeje,

Bhaav Saagar Se Taar.

Pawansut Vinti Baarambaar.

भजन का अर्थ (Line by Line Meaning)

  • हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार: हे दुखों को दूर करने वाले मारुती पुत्र हनुमान, मेरी पुकार सुन लीजिये।

  • पवनसुत विनती बारम्बार: हे पवनपुत्र, मैं आपसे बार-बार विनती (प्रार्थना) कर रहा हूँ।

  • अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता: आप आठों सिद्धियों और नौ निधियों को प्रदान करने वाले देव हैं।

  • दुखिओं के तुम भाग्यविधाता: आप दुखी लोगों के सोए हुए भाग्य को जगाने वाले स्वामी हैं।

  • सियाराम के काज सवारे: आपने माता सीता और प्रभु श्री राम के बिगड़े हुए कार्यों को बनाया है।

  • मेरा करो उद्धार: अब आप मेरा भी इस संसार से उद्धार कर दीजिये।

  • अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी: आपकी शक्ति की कोई सीमा नहीं है, वह अनंत है।

  • तुम पर रीझे अवधबिहारी: आपकी निस्वार्थ सेवा और शक्ति पर स्वयं भगवान राम (अवधबिहारी) मुग्ध रहते हैं।

  • भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे: मैं पूर्ण भक्ति भाव के साथ आपका ध्यान करता हूँ।

  • कर दुखों से पार: आप कृपा करके मुझे मेरे कष्टों और दुखों के सागर से पार लगा दें।

  • जपूँ निरंतर नाम तिहरा: मैं लगातार आपके नाम का जाप करता रहूँ।

  • अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा: अब मैं आपका द्वार (शरण) कभी नहीं छोड़ूँगा।

  • रामभक्त मोहे शरण मे लीजे: हे परम रामभक्त, मुझे अपनी शरण में स्थान दीजिये।

  • भाव सागर से तार: मुझे इस जन्म-मरण के संसार रूपी सागर से मुक्ति दिला दीजिये।

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन Importance

इस भजन का महत्व अत्यंत गहरा है क्योंकि यह सीधे संकटमोचन हनुमान जी को संबोधित है। यह भजन भक्त के विश्वास को दर्शाता है कि हनुमान जी असंभव को संभव करने वाले हैं। “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता” होने के कारण, यह भजन केवल मानसिक शांति ही नहीं, बल्कि जीवन में भौतिक और आध्यात्मिक समृद्धि लाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह हृदय में साहस और निर्भयता का संचार करता है।

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन Why People Should Chant

लोगों को इस भजन का जाप इसलिए करना चाहिए क्योंकि हनुमान जी कलयुग के जाग्रत देव माने जाते हैं। जब व्यक्ति जीवन की समस्याओं, भय, या शत्रु बाधा से घिरा हो, तब यह भजन एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह मन की एकाग्रता बढ़ाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक विचारों का संचार करता है। जो लोग प्रभु श्री राम की कृपा पाना चाहते हैं, उन्हें हनुमान जी की स्तुति अवश्य करनी चाहिए।

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन When People Should Chant

वैसे तो ईश्वर की भक्ति के लिए हर समय शुभ है, लेकिन इस भजन का पाठ विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। प्रातः काल स्नान के पश्चात हनुमान जी की मूर्ति के समक्ष दीप जलाकर या संध्या आरती के समय इसका गायन करने से विशेष लाभ मिलता है। संकट के समय या मानसिक अशांति होने पर भी भक्त इसका स्मरण कभी भी कर सकते हैं।

हे दुःख भन्जन मारुती नंदन Video Song

 

अस्वीकरण (Disclaimer): यहाँ दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध विवरणों और हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर अपडेट की गई है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक सूचना प्रदान करना है।

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