×

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स (Chhoti chhoti gaiya, chhote chhote gwal lyrics in hindi)

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स (Chhoti chhoti gaiya, chhote chhote gwal lyrics in hindi)

यह भजन “छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल” भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर चित्रण करता है। इसमें नन्हे गोपाल की गोकुल में गायों और ग्वालबालों के बीच की बाल्यावस्था का अद्भुत वर्णन है, जहाँ वे बांसुरी बजाते, गाय चराते, माखन खाते और सखियों के साथ रास रचाते हुए दिखाई देते हैं। यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की सादगी, मासूमियत और प्रेममयी छवि को जीवंत करता है।

लोगों को यह भजन पढ़ना और गाना चाहिए क्योंकि यह मन को शांति, हृदय को आनंद और भगवान के प्रति प्रेमभाव जागृत करता है। इस भजन का पाठ विशेषकर प्रातःकाल या भजन-कीर्तन के समय करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन की शुरुआत को सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति से भर देता है। इसे जन्माष्टमी, कीर्तन, संकीर्तन और पूजा-अर्चना के समय गाना और सुनना भी अत्यंत मंगलकारी होता है।

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल लिरिक्स

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल,
बीच में मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल,
श्याम वरण मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

छोटी छोटी लकुटी, छोले छोटे हाथ,
बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

छोटी छोटी सखियाँ, मधुबन बाग,
रास राचावे मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल,
माखन खावे मेरो मदन गोपाल,
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ।।

क्यों पढ़ें यह भजन?
यह भजन हमें भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप और उनकी लीलाओं का सजीव अनुभव कराता है। इसे पढ़ने या गाने से मन में निर्मलता, आनंद और शांति का भाव उत्पन्न होता है। यह भजन जीवन में सादगी, प्रेम और भक्ति का संदेश देता है तथा मनुष्य को ईश्वर से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

कब पढ़ें यह भजन?

  • प्रातःकाल या संध्या के समय पूजा और आरती में।

  • भजन-कीर्तन, संकीर्तन या सत्संग के अवसर पर।

  • जन्माष्टमी या अन्य श्रीकृष्ण संबंधी पर्वों पर।

  • जब मन उदास, बोझिल या चिंताओं से ग्रस्त हो।

  • बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से परिचित कराने के समय।

यह भजन हर भक्त को यह सिखाता है कि सच्चा सुख और संतोष प्रभु की भक्ति और उनके नाम के स्मरण में ही है।

Check other bhajan lyrics below:

Type of Bhajan Link to access bhajan
Bhajan Lyrics Click Here
Mata Rani Ke Bhajan Lyrics Click Here
Krishna Bhajan Lyrics Click Here
Ram Bhajan Lyrics Click Here
Shiv Bhajan Lyrics Click Here

Post Comment

Read More Bhajan Lyrics