भावों को सुनता है कुछ न कहता है : ह भजन खाटू श्याम बाबा की असीम कृपा, प्रेम और मौन करुणा का सुंदर वर्णन करता है। इस गीत में बताया गया है कि बाबा श्याम सबके भावों को सुनते हैं, लेकिन कुछ नहीं कहते — क्योंकि वे मन की भाषा को समझते हैं। यह भजन हमें यह सिखाता है कि सच्चे प्रेम और भक्ति से की गई पुकार कभी व्यर्थ नहीं जाती। “भावों को सुनता है कुछ न कहता है” केवल एक भजन नहीं — यह भक्ति का दर्शन है। यह सिखाता है कि ईश्वर को शब्दों की नहीं, सच्चे हृदय की आवश्यकता होती है। जो भाव से बाबा को पुकारता है, वह कभी अकेला नहीं रहता, क्योंकि श्याम बाबा मौन रहकर भी साथ चलते हैं।
भावों को सुनता है कुछ न कहता है लिरिक्स | Bhavo Ko Sunta Hai Lyrics in Hindi
भावों को सुनता है कुछ न कहता है,
सच्चे प्रेमी से ही सेवा लेता है,
दिखता नहीं पर संग रहता है,
भावों को सुनता है कुछ ना कहता है ।।
तर्ज – फूलों का तारों का सबका कहना है
दुख से हारा प्रेमी जब हो जाता उदास,
ना जाने क्यूं दिल से आती ये आवाज,
उनकी शरण में है फिर क्यों डरता है,
सच्चे प्रेमी से ही सेवा लेता है,
दिखता नहीं पर संग रहता है,
भावों को सुनता है कुछ ना कहता है ।।
हम नसीबों वाले हैं हमको श्याम मिला,
हम है भाग्यशाली जिसे इसका प्यार मिला,
सुख दुख का पहिया तो चलता रहता है,
सच्चे प्रेमी से ही सेवा लेता है,
दिखता नहीं पर संग रहता है,
भावों को सुनता है कुछ ना कहता है ।।
हिम्मत बढ़ जाती है जब नाम गाउं मैं,
हर मुश्किल को आसान होता पाऊं मैं,
पग पग पर प्रेमी की रक्षा करता है,
सच्चे प्रेमी से ही सेवा लेता है,
दिखता नहीं पर संग रहता है,
भावों को सुनता है कुछ ना कहता है ।।
सच्चे भाव का भूखा इसे भजन सुनाए जा,
ये सारे जग का मालिक इसे मीत बनाए जा,
ये अपने प्रेमी को शरण में रखता है,
सच्चे प्रेमी से ही सेवा लेता है,
दिखता नहीं पर संग रहता है,
भावों को सुनता है कुछ ना कहता है ।।
लिरिक्स – पवन भाटिया जी
भजन का भावार्थ (Meaning in Hindi)
यह भजन हमें यह बताता है कि खाटू श्याम बाबा को शब्दों की नहीं, बल्कि भावों की भाषा समझ आती है।
वे भले ही दिखाई न दें, लेकिन हर भक्त के साथ रहते हैं।
जो सच्चे मन से भक्ति करता है, बाबा उसकी सेवा स्वीकार करते हैं और जीवन के हर दुःख को दूर कर देते हैं।
यह गीत भक्ति के उस अदृश्य लेकिन गहरे बंधन को उजागर करता है, जो प्रेम, श्रद्धा और समर्पण से जुड़ा होता है।
भजन का सार (Summary)
“भावों को सुनता है कुछ न कहता है” भजन निर्वाण भक्ति का प्रतीक है।
यह हमें बताता है कि सच्ची पूजा शब्दों से नहीं, मन की भावना से होती है।
बाबा श्याम हर उस भक्त के साथ हैं जो सच्चे मन से उन्हें याद करता है।
उनका प्रेम मौन है, लेकिन उनकी कृपा शब्दों से कहीं अधिक प्रभावी है।
क्यों गाया जाता है यह भजन
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जब मन जीवन के दुःखों से थका हुआ हो।
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जब कोई भक्त बाबा से अपने भाव साझा करना चाहता हो।
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जब भजन संध्या, आरती या ध्यान का शांत वातावरण हो।
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जब व्यक्ति अपने भीतर श्रद्धा और सच्ची भक्ति जगाना चाहता हो।
कब गाना चाहिए
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सुबह या रात की आरती के समय।
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खाटू श्याम मंदिर में ध्यान या साधना के दौरान।
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विशेष रूप से तब जब मन में निराशा या तनाव हो — यह भजन आत्मिक शांति देता है।
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भजन संध्या, कीर्तन, या घर पर पूजा में।
आध्यात्मिक संदेश (Spiritual Message)
सच्चे भाव ही सबसे बड़ी पूजा हैं। ईश्वर को दिखावे या बड़े शब्दों की नहीं, बस सच्चे मन की जरूरत होती है। श्याम बाबा की भक्ति यही सिखाती है — जो मौन में भाव रखता है, वही सच्चा भक्त है।
FAQs – भावों को सुनता है कुछ न कहता है भजन से जुड़े प्रश्न
Q1. यह भजन किस तर्ज पर गाया जाता है?
“फूलों का तारों का सबका कहना है” की तर्ज पर।
Q2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
बाबा श्याम सच्चे भावों को सुनते हैं, वे मन की पुकार का जवाब देते हैं।
Q3. क्या यह भजन ध्यान या मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह भजन शांत वातावरण में गाया जाए तो मन को गहराई से स्थिर करता है।
Q4. इस भजन को कौन से समय गाना सबसे श्रेष्ठ माना गया है?
सुबह की भक्ति या रात्रि ध्यान के समय जब मन शांत हो।





















