तू राधा तो बोल – भावार्थ, सार, महत्व | Tu Radha to bol bhajan lyrics in hindi

यह भजन “तू राधा तो बोल” एक सुंदर और प्रेरक कृष्ण भक्ति गीत है, जो मनुष्य को जीवन में भक्ति का महत्व समझाता है। इसमें समझाया गया है कि उम्र बीतने से पहले भगवान का स्मरण जरूरी है। भजन प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक जागृति का संदेश देता है तथा राधा नाम के जाप से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होने का भाव प्रकट करता है।

तू राधा तो बोल – भावार्थ, सार, महत्व

तू राधा तो बोल Lyrics in Hindi

तर्ज – तू वादा ना तोड़

तू राधा तो बोल , तू राधा तो बोल , – २
तेरी ढ़लने लगी हैं अब उमर …,
तू राधा तो बोल , तू राधा तो बोल ,

बचपन बिता तेरी बीती जवानी ,
बात ये मेरी तूने अब तक न मानी ,
अब तो कर ले जरा तू सुमिरन …,
तू राधा तो बोल , तू राधा तो बोल ,

कब तक देगा तू खुद को धोका ,
फिर न मिलेगा तुझको ऐसा मौका ,
इस मोके की कर ले तू कदर …
तू राधा तो बोल , तू राधा तो बोल ,

एक बार जप ले बस नाम तू राधा ,
हट जाएगी सारे जीवन की बाधा ,
फिर तो आसान होगा ये सफर …
तू राधा तो बोल , तू राधा तो बोल ,

तू राधा तो बोल भजन का भावार्थ (Meaning)

यह भजन मनुष्य को सहज और सरल भाषा में भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम मार्ग की ओर बुलाता है।
तू राधा तो बोल” का अर्थ है —
अपने अंदर बैठी राधा-भावना को जगाओ,
कृष्ण नाम का जप शुरू करो,
अब देर मत करो।

भजन कहता है कि बचपन और जवानी बीत चुकी है और जीवन धीरे-धीरे ढल रहा है। इसलिए अब समय है कि मनुष्य संसार के भ्रमों से बाहर आकर भगवान का सुमिरन करे। जो व्यक्ति कृष्ण प्रेम में डूब जाता है, उसके सभी कष्ट, बाधाएँ और जीवन की उलझनें धीरे-धीरे दूर हो जाती हैं।

यह भजन कहता है — 
यदि मन में प्रेम हो, तो हर कोई राधा बन सकता है।
बस कृष्ण नाम को पुकारो — यही सच्चा मार्ग है।

तू राधा तो बोल भजन का सार (Summary)

  • मनुष्य को याद दिलाना कि जीवन समय के साथ बीत रहा है।

  • देर होने से पहले भगवान का नाम जपना शुरू करो।

  • “राधा” यहाँ भक्ति, प्रेम, समर्पण और पवित्रता का प्रतीक है।

  • कृष्ण नाम का जप जीवन की सभी बाधाओं को दूर करता है।

  • यह भजन सुमिरन, प्रेम और भक्ति मार्ग की प्रेरणा देता है।

तू राधा तो बोल क्यों गाया जाता है यह भजन

यह भजन विशेष रूप से इन भावों को जगाने के लिए गाया जाता है—

  • मन को भगवान की ओर मोड़ना

  • जीवन की व्यस्तता से ध्यान हटाकर भक्ति के महत्व को याद दिलाना

  • कृष्ण–राधा प्रेम और समर्पण की अनुभूति कराना

  • भक्ति की शुरुआत करने के लिए प्रेरित करना

  • भुलक्कड़ मन को जगाना कि “अब समय है प्रभु नाम का”

तू राधा तो बोल कब गाना चाहिए

यह भजन निम्न अवसरों पर विशेष प्रभावी और भावपूर्ण लगता है—

  • सवेरे के ध्यान/सुमिरन के समय

  • कृष्ण भजन संध्या

  • सत्संग, कीर्तन, रासलीला

  • जन्माष्टमी और एकादशी

  • रात को सोने से पहले मन को शांत करने के लिए

  • किसी को भक्ति मार्ग शुरू करवाने में प्रेरक भजन की तरह

 

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