हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता भजन पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास की भावना को व्यक्त करता है। यह शिव भक्तों को सिखाता है कि जब स्वयं महादेव आपके संरक्षक हैं, तो जीवन की छोटी-बड़ी समस्याओं या भविष्य की चिंताओं में उलझने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता भजन परम शांति और भक्ति के भाव से भरा हुआ है। इस भजन के रचयिता गजेन्द्र प्रताप सिंह जी हैं।
हमारे साथ भोलेनाथ तो किस बात की चिंता लिरिक्स in Hindi
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ, तो किस बात कि चिंता ।।
किया करते हो तुम दिन रात, क्यु बिन बात की चिंता,
तेरे शंभू को रहती है, तेरी हर बात की चिंता,
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता ।।
ना मरने की ना जीने की, ना खाने की ना पिने की,
रहे हर सांस में बाबा तेरे, प्रिय नाम की चिंता,
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता ।।
मरे संग संग में रहती है, मेरे महाकाल की छाया,
की बनती है वहां हर बात, तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता ।।
मेरे महाकाल के दर पे, सवंर जाती है तक़दीरें,
उन्ही के हाथ में अब हाथ, तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता ।।
हुई हर भक्त पर कृपा, बनाया दास प्रभु अपना,
उन्ही का कर रहे गुणगान, तो किस बात की चिंता,
हमारे साथ भोलेनाथ तो, किस बात की चिंता ।।
लिरिक्स – गजेन्द्र प्रताप सिंह
हमारे साथ भोलेनाथ तो किस बात की चिंता भजन का महत्व (Importance of this Bhajan)
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भय-मुक्ति: यह भजन जीवन के सबसे बड़े डर (मृत्यु, असफलता) से मुक्ति दिलाता है, क्योंकि भक्त हर स्थिति में महादेव को अपना संगी मान लेता है।
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आत्मसमर्पण: यह ‘मैं’ के भाव को मिटाकर ईश्वर की इच्छा में जीने की कला सिखाता है।
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शांत जीवन: यह भक्तों को वर्तमान में जीने और अनावश्यक मानसिक बोझ को दूर करने में मदद करता है।
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महाकाल का आश्रय: यह भजन उज्जैन के महाकाल की अनूठी शक्ति और भक्तों पर उनकी असीम कृपा को महसूस कराता है।
हमारे साथ भोलेनाथ तो किस बात की चिंता भजन (Why people should sing this bhajan)
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चिंता निवारण: जब भी मन बेचैन हो, यह भजन गाने से तुरंत शांति और संबल मिलता है, यह याद दिलाता है कि शिव सब संभाल लेंगे।
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दृढ़ता हेतु: यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए आध्यात्मिक दृढ़ता प्रदान करता है।
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शिव-स्मरण: यह दिनचर्या में भोलेनाथ का स्मरण बनाए रखने और उनके नाम पर विश्वास को मजबूत करने का सरल तरीका है।
हमारे साथ भोलेनाथ तो किस बात की चिंता भजन को गाने का समय (Time of Singing this Bhajan)
यह भजन विशेष रूप से इन समयों पर गाना चाहिए:
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सोमवार: भगवान शिव का प्रिय दिन।
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प्रदोष काल: संध्या का वह समय जब शिव जी प्रसन्न मुद्रा में होते हैं।
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सुबह की पूजा: दिन की शुरुआत शांत और सकारात्मक ऊर्जा से करने के लिए।
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ध्यान/पूजा के बाद: किसी भी चिंता या परेशानी को शिव जी के चरणों में समर्पित करते हुए।





















