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मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी भजन लिरिक्स हिंदी में | कन्या पूजन माता रानी भजन अर्थ सहित

मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी भजन लिरिक्स हिंदी में | कन्या पूजन माता रानी भजन अर्थ सहित

मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी : यह भजन माता रानी के कंजक स्वरूप की महिमा और कन्या पूजन की पावन परंपरा को समर्पित है। इस भजन में देवी माँ को नन्ही कन्या के रूप में पूजने का भाव, उनके घर आगमन से मिलने वाली खुशियाँ, कृपा और आशीर्वाद का सुंदर वर्णन मिलता है। इस ब्लॉग में इस लोकप्रिय भजन के मूल बोल, उनका पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ, भजन का आध्यात्मिक महत्व, जप करने के कारण और उपयुक्त समय को सरल शब्दों में प्रस्तुत किया गया है, ताकि पाठक माता भक्ति, कन्या पूजन के महत्व और माँ दुर्गा की कृपा को गहराई से अनुभव कर सकें।

भजन का शीर्षक: मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी

भजन लिखने वाले: पारंपरिक (विभिन्न कलाकारों द्वारा सुप्रसिद्ध)

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मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी भजन लिरिक्स

🔱 मेरी गुड़ दी डली, मेरी खंड मिशरी, मेरी राज दुलारी
कंजक रूप विच आई मेरे घर शेरां वाली। 🔱
✨ जै जै मां, जै जै मां, जै जै मां, जै जै मां… ✨

🌸 मेरी गुड़ दी डली, मेरी खंड मिशरी, मेरी राज दुलारी
कंजक रूप में आई मेरे घर शेरां वाली॥

🌺 मां ने किया उपकार तूँ मेरे घर में आई
मेरे सुँहे वेहड़े दी किस्मत खिल आई।
दित्ती है सुगात मैआ ने मैंनू प्यारी
हो कंजक रूप में आई मेरे घर शेरां वाली॥

🌼 इस दे आने दे नाल घर विच आई बहारां
मेहर दियां बरसाइयां ने मां ने बौछारां।
ऐहदी खुशबू दे नाल महिकी ऐह फूलवाड़ी
हो कंजक रूप में आई मेरे घर शेरां वाली॥

🌷 ऐहदे मुख ते छाया ए इक रूप निराला
ऐदां लगदा जिद्दां जोतां दा उजियाला।
मोह लैंदी ए सब नूं ऐह मुस्कान प्यारी
हो कंजक रूप में आई मेरे घर शेरां वाली॥

🌹 करती ए मां रोज करिश्मे वेखन वाले
वेख वेख के जी नहीं भरदा खेड़ निराले।
मां दी महिमा दे उत्ते जावां बलिहारी
हो कंजक रूप में आई मेरे घर शेरां वाली॥

भजन का पंक्ति-वार अर्थ

मेरी गुड़ दी डली, मेरी खंड मिशरी, मेरी राज दुलारी
माता कन्या रूप में गुड़ और मिश्री जैसी मीठी, प्रिय और अनमोल हैं।

कंजक रूप विच आई मेरे घर शेरां वाली
शेरों वाली माता स्वयं कंजक बनकर भक्त के घर पधारी हैं।

मां ने किया उपकार तूँ मेरे घर में आई
माता का घर आना भक्त के लिए बहुत बड़ा उपकार है।

मेरे सुँहे वेहड़े दी किस्मत खिल आई
सूना आँगन माता की कृपा से भाग्यशाली हो गया।

दित्ती है सुगात मैआ ने मैंनू प्यारी
माता ने कन्या के रूप में सुंदर उपहार दिया है।

इस दे आने दे नाल घर विच आई बहारां
कंजक के आने से घर में खुशियाँ और उल्लास भर गया।

मेहर दियां बरसाइयां ने मां ने बौछारां
माता ने अपनी कृपा और आशीर्वाद की वर्षा कर दी।

ऐहदे मुख ते छाया ए इक रूप निराला
कन्या के चेहरे पर दिव्य और अलौकिक तेज है।

ऐदां लगदा जिद्दां जोतां दा उजियाला
ऐसा प्रतीत होता है जैसे अखंड ज्योति का प्रकाश फैल रहा हो।

मोह लैंदी ए सब नूं ऐह मुस्कान प्यारी
उसकी निश्छल मुस्कान सभी का मन मोह लेती है।

करती ए मां रोज करिश्मे वेखन वाले
माता प्रतिदिन नए-नए चमत्कार दिखाती हैं।

मां दी महिमा दे उत्ते जावां बलिहारी
भक्त माता की महिमा पर स्वयं को समर्पित करता है।

मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी भजन का महत्व

यह भजन कन्या पूजन और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। यह हमें यह सिखाता है कि प्रत्येक कन्या में देवी का स्वरूप होता है और उसकी सेवा व सम्मान करना सच्ची भक्ति है। यह भजन घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला माना जाता है।

मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी लोगों को क्यों जपना चाहिए

इस भजन का जप करने से मन में श्रद्धा, प्रेम और करुणा का भाव उत्पन्न होता है। यह माता रानी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का सुंदर माध्यम है और भक्तों को मानसिक शांति व पारिवारिक सुख प्रदान करता है।

मेरी गुड़ दी डली मेरी खंड मिशरी मेरी राज दुलारी कब जपना चाहिए

इस भजन का जप नवरात्रि के दौरान, विशेषकर अष्टमी और नवमी को कन्या पूजन के समय अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा माता की चौकी, जागरण, या किसी भी शुभ एवं मांगलिक अवसर पर इसका पाठ किया जा सकता है।

Disclaimer: इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री एवं हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल भक्ति भाव और सामान्य जानकारी प्रदान करना है।

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