महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा : एक बेहद लोकप्रिय और भक्तिमय खाटू श्याम भजन है, जिसे राज पारीक जी ने लिखा है। महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा भजन श्याम बाबा से प्रेम, समर्पण और उनकी कृपा की प्रार्थना को सुंदर शब्दों में व्यक्त करता है। सरल भाषा, मधुर भाव और भक्ति का गहरा स्पर्श इस भजन को हर श्याम प्रेमी के दिल तक पहुँचा देता है।
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा लिरिक्स
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा,
पलकें बिछाए बैठे हैं कुछ तो फरमाइए ज़रा ।।
यूँ तो हैं लाखों कलियाँ फिर भी सूना है ये चमन,
चरणों में लगा खाटू की मिटटी तो लाइए ज़रा,
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा ।।
नादानियों पे मेरी करते हमेशा पर्दा तुम,
परदे की हो गई आदत पर्दा हटाइये ज़रा,
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा ।।
तोहफे में तुम्हे देते अम्बार आंसुओं भरा,
उस पर ये तुमसे कहते हैं अजी मुस्कुराइए ज़रा,
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा ।।
घड़ी इंतज़ार की अब बेसब्र हो रही है,
बैठा है ‘राज’ चरणों में यूँ ना सताइए ज़रा,
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा ।।
लिरिक्स – राज पारीक जी
महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा भजन की खासियत
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श्याम बाबा की कृपा और दर्शन की प्रार्थना
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भक्त और भगवान के मधुर प्रेम का वर्णन
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सरल, भावपूर्ण और मन को छू लेने वाले शब्द
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खाटू श्याम भक्तों में बेहद लोकप्रिय





















