बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी लिरिक्स (Bande ab chhod de hadbadi shyam bhajle gadhi do gadhi bhajan lyrics in hindi)
बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी: यह भजन श्रद्धा और भक्ति से भरे संदेश को प्रस्तुत करता है, जिसमें भक्तों को समझाया गया है कि इस झूठी और क्षणभंगुर दुनिया में शोरगुल और हड़बड़ी छोड़कर कुछ पल श्याम के भजन में बिताने चाहिए। इसमें बताया गया है कि सांसारिक सुख-दुख अस्थायी हैं और जब कोई अपना भी साथ छोड़ देता है, तब केवल श्याम ही सच्चे सहारा बनते हैं। भजन यह भी सिखाता है कि वाणी, हाथ और मन का वास्तविक उपयोग तभी है जब वे श्याम की स्तुति, ताली और भक्ति में लगें। अंत में संदेश मिलता है कि सच्चा श्याम-प्रेमी कभी अकेला नहीं होता, क्योंकि प्रभु सदैव अपने भक्तों के साथ खड़े रहते हैं।
बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी लिरिक्स in hindi
(चाँद धुंदला गया, छोर बदली हवा,
चंद लम्हो में बस होर होने को है,
पंछी गाने को है, किरणे आने को है,
दुनिया फिर से नयी और होने को है)
(दोहा: छोड़ जाने दे अब तक हुआ जो हुआ,
श्याम को हर कमी तेरी मंज़ूर है,
रात भर था सिरहाने वो बैठा हुआ,
तुझको लगता था तुझसे बहुत दूर है)
बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी,
जीत जाए तू हर कदम पर, इसकी नज़रे जो तुझपे पड़ी,
श्याम भजले घड़ी दो घड़ी ।।
तर्ज – जिन्दगी की ना टूटे ।
झूठी दुनिया से रिश्ता है क्या, हँसते को रुलाती है,
उस वक्त हमें बाबा तेरी याद सताती है,
दुनिया वालों कि किसको पड़ी,
श्याम भजले घड़ी दो घड़ी ।।
तेरे भजनों को गा ना सके, ऐसी वाणी का क्या फायदा,
तालियां जो बजा ना सके, ऐसे हाथों का क्या फायदा,
दिलवाले से कर दिल्लगी,
श्याम भजले घड़ी दो घड़ी ।।
श्याम प्रेमी को अपना बना, प्यारे भक्तो को दिल की बता,
चाहे अपने भी मुँह मोड़ले, श्याम प्रेमी मिलेगा खड़ा,
‘शुभम रूपम’ करे बन्दगी,
श्याम भजले घड़ी दो घड़ी ।।
लिरिक्स – शुभम रूपम बाजोरिआ जी
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