बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है – यह भजन सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि सदियों के इंतज़ार और संकल्प की विजय का मीठा उत्सव है। “बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है” (बरसों बाद आज सजेगा राम जी का द्वार) श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में एक दिव्य और भव्य मंदिर के निर्माण के क्षणों को समर्पित है। यह हर उस हिंदू के हृदय की आवाज़ है जिसने इस पल की कल्पना की थी। यह भजन रामभक्त और प्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल (हर्ष) जी द्वारा रचित है।
बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है लिरिक्स in Hindi
बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है,
यो हर हिन्दू ने प्यारो है ।। टेर ।।
तर्ज – कीर्तन की है रात ।
सौभाग सूं भगतों आई घड़ी पावन, प्रभु के वंदन की,
संता के सागे थे सगला करो त्यारी या भूमी पूजन की,
अयोध्या में आज चिमक्यो, मानो ध्रुव तारो है ।। यो … ।।
नगरी अयोध्या तो ऐसी सजी भगतों, ज्यूं लागे गुल बनड़ी,
स्वागत में रघुवर के उत्सुक बड़ी दुनियां बिछायां नैण खड़ी,
दशरथ नंदन राम, सारी दुनियां ने प्यारो है ।। यो … ।।
श्रीराम को ऐसो बणसी भवन न्यारो, गगन न चूमतो,
दरसण करण तांई हर भक्त आसी जी, श्रद्धा सूं झूमतो,
‘हर्ष’ भगत बोले, गूंजे श्री राम को नारो है ।। यो … ।।
लिरिक्स – विनोद अग्रवाल (हर्ष) जी
बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है भजन का महत्व (Importance of this Bhajan)
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ऐतिहासिक संदर्भ: यह भजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है—वह क्षण जब सदियों का संघर्ष समाप्त हुआ और राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ।
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सामूहिक भावना: यह भजन करोड़ों राम भक्तों के अटूट विश्वास और एकता की भावना को जागृत करता है।
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उत्साह और प्रेरणा: यह भक्तों को आगे बढ़कर इस पुनीत कार्य में शामिल होने और उत्साह के साथ उत्सव मनाने के लिए प्रेरित करता है।
बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है – क्यों गाना चाहिए यह भजन (Why people should sing this bhajan)
यह भजन गाने से भक्त:
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राम भक्ति में लीन होते हैं: प्रभु श्री राम के प्रति अपना प्रेम और समर्पण व्यक्त करते हैं।
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सकारात्मकता का संचार: इस भजन की ऊर्जा और तर्ज़ मन में उल्लास, आनंद और सकारात्मकता भर देती है।
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गौरवशाली क्षणों का स्मरण: यह हर भारतीय को राम मंदिर के निर्माण से जुड़े राष्ट्रीय गौरव के क्षणों का स्मरण कराता है।
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शुभ कामनाएं: मंदिर निर्माण की सफलता और प्रभु राम के आशीर्वाद के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना करने का यह एक उत्तम माध्यम है।
बरसां पाछे आज सजसी राम जी को द्वारो है भजन को गाने का समय (Time of Singing this Bhajan)
यह भजन विशेष रूप से उत्साह और उत्सव के क्षणों के लिए है:
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अयोध्या यात्रा के दौरान: राम मंदिर के दर्शन या अयोध्या की यात्रा करते समय।
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राम नवमी, दीपावली: श्री राम से जुड़े प्रमुख त्योहारों पर।
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मंदिर निर्माण से जुड़े उत्सव: भूमि पूजन की वर्षगाँठ या मंदिर के उद्घाटन जैसे अवसरों पर।
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नियमित कीर्तन: किसी भी मंगलवार या शनिवार को, जब हनुमान जी और श्री राम की पूजा की जाती है, इसे उत्साह बढ़ाने के लिए गाया जा सकता है।



