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घूमर घाल रे भाया भजन लिरिक्स, अर्थ, महत्व और गाने का समय

घूमर घाल रे भाया भजन लिरिक्स, अर्थ, महत्व और गाने का समय

घूमर घाल रे भाया भजन: यह ब्लॉग “घूमर घाल रे भाया” श्याम भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, उसके सरल अर्थ, आध्यात्मिक महत्व और गाने के सही समय की जानकारी प्रस्तुत करता है। इस लेख में भजन से जुड़ी मूल जानकारी, लेखक का नाम और अन्य भजनों का स्रोत भी दिया गया है। यह भजन खाटू श्याम जी के आनंद उत्सव और उनके दरबार की महिमा का सुंदर वर्णन करता है, जिसमें भक्तों को प्रेम और भक्ति में डूबकर आनंद लेने का संदेश मिलता है।

Bhajan Title
घूमर घाल रे भाया

Bhajan written by
जयंत सारदा (जीतू) जी

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घूमर घाल रे भाया Bhajan Lyrics

✿✿ घूमर घाल रे भाया, घूमर घाल रे भाया,
आज उड़े आनंद श्याम को, मौज ले भाया ।। ✿✿

❀ घणा दिना स्यू दिकता यो, आनंद उत्सव आयो (स२),
सजकर बेठ्यो श्याम हमारो, देख यो मन हर्षायो,
दर्शन करले रे भाया,
आज उड़े आनंद श्याम को, मौज ले भाया ।। ❀

❀ भांति भांति का इतर लगाया, महक रयो दरबार,
आज बड़ो ही मूलक रयो है, श्याम धणी दातार,
प्रेम से देख ले भाया,
आज उड़े आनंद श्याम को, मौज ले भाया ।। ❀

❀ भाव देखकर प्रेमियों को, खोल दियो भण्डारो,
खुद हाथां से लुटा रयो है, बाबो खाटू वालो,
‘जीतू’ लूट ले भाया,
आज उड़े आनंद श्याम को, मौज ले भाया ।। ❀

लेखक – जयंत सारदा (जीतू) जी

इस भजन का अर्थ (पंक्ति दर पंक्ति)

घूमर घाल रे भाया – हे भाई, आनंद में झूमकर नृत्य करो।
आज उड़े आनंद श्याम को – आज श्याम जी के आनंद का उत्सव मनाया जा रहा है।
मौज ले भाया – इस दिव्य अवसर का आनंद लो।

घणा दिना स्यू दिकता यो, आनंद उत्सव आयो – बहुत दिनों बाद यह आनंदमय उत्सव आया है।
सजकर बेठ्यो श्याम हमारो – हमारे श्याम सुंदर रूप में सजे हुए विराजमान हैं।
देख यो मन हर्षायो – उन्हें देखकर मन प्रसन्न हो जाता है।
दर्शन करले रे भाया – हे भाई, उनके दर्शन कर लो।

भांति भांति का इतर लगाया, महक रयो दरबार – दरबार में अलग-अलग सुगंध फैली हुई है।
आज बड़ो ही मूलक रयो है, श्याम धणी दातार – आज श्याम दातार बड़े ही प्रसन्न और उदार हैं।
प्रेम से देख ले भाया – प्रेम भाव से उनके दर्शन करो।

भाव देखकर प्रेमियों को, खोल दियो भण्डारो – भक्तों के प्रेम को देखकर श्याम जी ने अपना खजाना खोल दिया।
खुद हाथां से लुटा रयो है, बाबो खाटू वालो – खाटू वाले बाबा स्वयं अपने हाथों से कृपा लुटा रहे हैं।
‘जीतू’ लूट ले भाया – हे भाई, इस कृपा को भरपूर ग्रहण कर लो।

घूमर घाल रे भाया Importance

यह भजन खाटू श्याम जी के आनंद उत्सव और उनकी कृपा का वर्णन करता है। इसमें भक्तों को प्रेम, श्रद्धा और उल्लास के साथ भगवान के दरबार में उपस्थित होने का संदेश दिया गया है। यह भजन राजस्थान की लोक परंपरा और भक्ति संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत करता है।

घूमर घाल रे भाया Why People Should Chant

इस भजन को गाने से मन में सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति भाव जागृत होता है। यह हमें सिखाता है कि भगवान के दरबार में प्रेम और आनंद के साथ उपस्थित होना चाहिए। श्याम भक्त इस भजन को गाकर आशीर्वाद और मानसिक शांति प्राप्त करते हैं।

घूमर घाल रे भाया When People Should Chant

यह भजन विशेष रूप से खाटू श्याम जी के मेले, फाल्गुन उत्सव, एकादशी या किसी भी धार्मिक समारोह में गाया जाता है। इसके अलावा कीर्तन, भजन संध्या या पारिवारिक पूजा में भी इसे गाया जा सकता है।

अस्वीकरण: यहाँ दी गई सभी जानकारी विभिन्न वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री तथा हिंदू धर्म मान्यता के आधार पर प्रस्तुत की गई है। किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए लेखक उत्तरदायी नहीं है।

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