गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए एक अत्यंत भक्तिपूर्ण गणेश भजन है, जिसमें भगवान गजानन को सभी कार्यों से पहले पूजनीय बताया गया है। यह भजन इस भावना को प्रकट करता है कि जब तक श्री गणेश का स्मरण और पूजन न हो, तब तक कोई भी कार्य पूर्ण रूप से सफल नहीं होता। गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन में गणपति को माता-पिता से प्राप्त वरदान, उनकी दिव्य छवि, करुणा और बुद्धि-विनायक स्वरूप का सुंदर वर्णन किया गया है। यह भजन हर भक्त के मन में श्रद्धा और विश्वास को और गहरा करता है।
भजन लिरिक्स – गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए
तर्ज :- बर्बाद मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा
गुरु देव गजानन जी पहले तुमको मनाए
बिगड़े हुए जन जन के सभी काज बनाए
प्रथमें रहेंगे पूजनीय आप सदा ही
माता पिता से ऐसा वरदान है पाए
तुम गौर बदन धारी मुख सूंड सूडाला
अनुपम छवि निराली एक दंत सुहाए
गणनाथ कृपा सिंधु हे बुद्धि विनायक
सब देव यक्ष मिलकर यशगान है गाए
मेरी भूल क्षमा करना गणदोष विनायक
तेरा रूपगिर है नादा क्या महिमा सुनाए
लेखक एवं गायक:
रूपगिरी वेदाचार्य जी महाराज
गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन का महत्व
गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह भजन सिखाता है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनके स्मरण से सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। यह भजन बुद्धि, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। जो भी भक्त श्रद्धा से गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन का पाठ करता है, उसके जीवन में कार्य सिद्धि और मानसिक शांति आती है।
गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन कब पढ़ें या गाएँ
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किसी भी शुभ कार्य से पहले
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बुधवार और चतुर्थी के दिन
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गणेश चतुर्थी पर्व पर
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परीक्षा, नौकरी या व्यापार से पहले
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जब जीवन में बाधाएँ आ रही हों
इन अवसरों पर गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए केवल एक भजन नहीं, बल्कि भगवान गणेश के प्रति भक्त की पूर्ण आस्था और समर्पण का प्रतीक है। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन के हर कार्य की शुरुआत गजानन के स्मरण से करनी चाहिए।
जो भी भक्त सच्चे मन से गुरू देव गजानन जी पहले तुमको मनाए भजन गाता है, उसके सभी विघ्न दूर होते हैं और सफलता निश्चित होती है।
🌸 जय श्री गणेश 🌸
















