मेरी नैया भरोसे तुम्हारे पार तुमको लगानी पड़ेगी: यह भजन सिखाता है कि अपनी कोशिशों में लगे रहें, लेकिन अंतिम परिणाम और ज़िम्मेदारी उस शक्ति को सौंप दें जो आपको सबसे अधिक प्रेम करती है। आपकी नैया आपकी नहीं, बल्कि उनकी सामर्थ्य पर टिकी है| जो भी इस भजन को सुनने और सुनाने में रुचि रखते हैं, उनके लिए हमने इस भजन के बोल नीचे दिए हैं।
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे पार तुमको लगानी पड़ेगी भजन लिरिक्स
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे,
पार तुमको लगानी पड़ेगी,
बिन पानी के ही आज मोहन,
नाव तुमको चलानी पड़ेगी।।
तर्ज – ये तो प्रेम की बात।
सिवा तेरे जहाँ में कन्हैया,
दूजा कोई नहीं है हमारा,
दाना-पानी तुम्ही हमको देते,
तुमसे चलता है अपना गुज़ारा,
फिर क्यों रूठे भला आज हमसे,
फिर क्यों रूठे भला आज हमसे,
राज़ दिल की बतानी पड़ेगी,
मेरी नईया भरोसे तुम्हारें,
पार तुमको लगानी पड़ेगी।।
प्यार इतना दिया तुमने बाबा,
जिसके लायक कभी भी नहीं था,
कैसे हिचकोले खाती वो नैया,
नाम जिसपे तुम्हारा लिखा था,
अपनी करनी से फिर से मैं हारा,
अपनी करनी से फिर से मैं हारा,
हारी बाज़ी जितानी पड़ेगी,
मेरी नईया भरोसे तुम्हारें,
पार तुमको लगानी पड़ेगी।।
इनके लाखों दीवाने है यारों,
शान दुनिया में जिनकी निराली,
बाबा सोया नसीबा जगाते,
जाता खाली ना दर से सवाली,
तेरा “चंदन” कहे लौ लगा लो,
तेरा “चंदन” कहे लौ लगा लो,
लाज प्रभु को बचानी पड़ेगी,
मेरी नईया भरोसे तुम्हारें,
पार तुमको लगानी पड़ेगी।।
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे,
पार तुमको लगानी पड़ेगी,
बिन पानी के ही आज मोहन,
नाव तुमको चलानी पड़ेगी।।





















