मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा एक ऐसा कृष्ण भजन है जिसमें भक्त अपने हृदय के द्वार कान्हा के लिए खोल देता है। इस भजन में भगवान श्रीकृष्ण से निवेदन किया गया है कि वे केवल भक्तों के दिलों में ही नहीं, बल्कि स्वयं आकर उसके जीवन को भक्ति और प्रेम से भर दें। मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन में राधा जी, रुक्मणी जी, माखन, मिश्री और कर्मा भक्त की खिचड़ी जैसे प्रसंगों का सुंदर उल्लेख है, जो भक्ति की सरलता और प्रेम को दर्शाता है।
भजन लिरिक्स – मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
मुरली की धुन, सुनाना होगा,
राधा और रुक्मण को संग लाना होगा,
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा।
यूँ तो रहता है तू कान्हा, भक्तों के दिल में,
भक्तों के दिल में कान्हा, संतों के दिल में,
मेरे भी दिल में घर बनाना होगा,
मुरली की धुन सुनाना होगा।
माखन और मिश्री का भोग, तुमको प्यारा है,
मैं वो लाया हूँ जो कर्मा ने खिलाया है,
खिचड़े का भोग कान्हा खाना होगा,
मुरली की धुन सुनाना होगा।
रोज गाते हैं हम कान्हा, भजन तुम्हारे,
भजन तुम्हारे कान्हा, भजन तुम्हारे,
भजनों में रस तुमको लाना होगा,
मुरली की धुन सुनाना होगा।
राधा जी के संग में कान्हा, तुम तो रास रचाते हो,
अपने भक्तों को कान्हा, क्यों तरसाते हो,
हमको भी रास दिखाना होगा,
मुरली की धुन सुनाना होगा।
ले लो चाहे जितनी कान्हा, परीक्षा हमारी,
छोड़ेंगे हम ना कान्हा, भक्ति तुम्हारी,
हमको भी अपना बनाना होगा,
मुरली की धुन सुनाना होगा।
Bhajan Lyrics: जय प्रकाश वर्मा, इंदौर
मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन का महत्व
मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन का महत्व भक्त और भगवान के बीच प्रेमपूर्ण संबंध को दर्शाता है। यह भजन बताता है कि सच्ची भक्ति में अधिकार नहीं, बल्कि प्रेम और आग्रह होता है। इस भजन को गाने से मन शांत होता है और हृदय में कृष्ण भक्ति जागृत होती है। जो भी भक्त श्रद्धा से मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन का पाठ करता है, उसके जीवन में प्रेम, आनंद और भक्ति रस की वृद्धि होती है।
मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन कब पढ़ें या गाएँ
-
जन्माष्टमी के दिन
-
एकादशी और रविवार को
-
सुबह ध्यान के समय
-
संध्या आरती के बाद
-
जब मन में प्रेम और भक्ति जागृत करनी हो
इन समयों पर मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा केवल एक भजन नहीं, बल्कि भक्त के हृदय की पुकार है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब भक्ति सच्चे मन से की जाती है, तो मुरली वाले कान्हा स्वयं भक्त के जीवन में पधारते हैं। जो भी भक्त प्रेमपूर्वक मुरली वाले कान्हा तुमको आना होगा भजन गाता है, उसके जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा अवश्य होती है।
🌸 जय श्री कृष्ण 🌸





















