नौकरी पे रख ले बाबा तनख्वा जो भी दे देना लिरिक्स हिंदी में | खाटू श्याम भजन अर्थ सहित
नौकरी पे रख ले बाबा तनख्वा जो भी दे देना : यह भावपूर्ण भजन खाटू श्याम जी के प्रति एक बेरोज़गार भक्त की सच्ची पुकार को दर्शाता है। इसमें भक्त संसारिक नौकरी नहीं बल्कि बाबा के चरणों में सेवा मांगता है। यह भजन पूर्ण समर्पण, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें भक्त स्वयं को श्याम प्रभु का दास बनाकर जीवन अर्पित करने की विनती करता है। इस लेख में भजन के मूल बोल, पंक्ति-दर-पंक्ति अर्थ, महत्व, जप के लाभ और उचित समय का वर्णन किया गया है।
भजन का शीर्षक: नौकरी पे रख ले बाबा तनख्वा जो भी दे देना
भजन लिखने वाले: पारंपरिक / प्रचलित भजन
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नौकरी पे रख ले बाबा तनख्वा जो भी दे देना भजन लिरिक्स
✨ कब से खड़ा हूँ मैं यहाँ
एक नज़र तो डालो
बेरोज़गार है भक्त तेरा
बाबा अपने पास लगा लो ✨
🌿 तेरा सहारा मुझको है
तू हारे का सहारा
डूब जाएगा भक्त तेरा
जो तूने हाथ न थामा 🌿
🌸 नौकरी पे रख ले बाबा
तन्ख़्वाह जो भी दे देना
मैं तो तेरा दीवाना हूँ
जगह चरणों में दे देना 🌸
🌼 खाटू वाले तुझे ये कसम है
अपने चरणों का दास बना ले मुझे 🌼
🌺 ए मेरे शीश के दानी
करूँ बस तेरी गुलामी
तेरे ही हाथ में बाबा
मेरी जिंदगी की कहानी 🌺
🕉️ अपने द्वार का सेवक बना ले मुझे
अपने चरणों का दास बना ले मुझे 🕉️
🌊 तेरा ही नाम जपता हूँ
मैं सुबह-शाम जपता हूँ
तेरा तिलक लगा बाबा
देखना कितना जचता हूँ 🌊
भजन का पंक्ति-वार अर्थ
कब से खड़ा हूँ मैं यहाँ, एक नज़र तो डालो
भक्त प्रभु से कृपा दृष्टि की याचना कर रहा है।
बेरोज़गार है भक्त तेरा, बाबा अपने पास लगा लो
भक्त स्वयं को असहाय बताकर सेवा का अवसर मांगता है।
तेरा सहारा मुझको है, तू हारे का सहारा
श्याम बाबा को हारों का सहारा माना गया है।
डूब जाएगा भक्त तेरा, जो तूने हाथ न थामा
प्रभु के बिना जीवन अस्थिर है।
नौकरी पे रख ले बाबा, तन्ख़्वाह जो भी दे देना
भक्त सांसारिक वेतन नहीं, सेवा का अवसर चाहता है।
मैं तो तेरा दीवाना हूँ, जगह चरणों में दे देना
भक्त प्रभु के चरणों में स्थान चाहता है।
अपने चरणों का दास बना ले मुझे
पूर्ण समर्पण की भावना प्रकट होती है।
ए मेरे शीश के दानी, करूँ बस तेरी गुलामी
श्याम बाबा की महिमा स्वीकार कर भक्ति की इच्छा।
तेरे ही हाथ में बाबा मेरी जिंदगी की कहानी
जीवन की डोर प्रभु को सौंप दी जाती है।
तेरा ही नाम जपता हूँ मैं सुबह-शाम जपता हूँ
निरंतर नाम स्मरण की भावना।
तेरा तिलक लगा बाबा देखना कितना जचता हूँ
भक्त गर्व से स्वयं को प्रभु का सेवक मानता है।
नौकरी पे रख ले बाबा भजन का महत्व
यह भजन समर्पण, सेवा और श्रद्धा की भावना को दर्शाता है। यह बताता है कि सच्ची नौकरी प्रभु की सेवा है और सच्चा वेतन उनकी कृपा है।
नौकरी पे रख ले बाबा लोगों को क्यों जपना चाहिए
यह भजन निराशा और बेरोज़गारी के समय आशा देता है, मन में विश्वास जगाता है और श्याम प्रभु की शरण में स्थिर रहने की प्रेरणा देता है।
नौकरी पे रख ले बाबा कब जपना चाहिए
जब जीवन में कठिन समय हो, नौकरी या कार्य की चिंता हो, या जब भी मन में भक्ति भाव जागृत करना हो, तब इस भजन का जप विशेष लाभकारी माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री और हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल भक्ति भाव और सामान्य जानकारी प्रदान करना है।
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