ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है भजन लिरिक्स हिंदी में | खाटू श्याम भजन अर्थ सहित
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है : यह भजन खाटू श्याम जी के प्रति अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास को व्यक्त करता है। इसमें संसार की मतलबपरस्ती से विरक्ति और श्याम बाबा की शरण में आने की भावनात्मक पुकार झलकती है। इस लेख में “ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है” भजन के मूल बोल, पंक्ति-दर-पंक्ति अर्थ, भजन का आध्यात्मिक महत्व, इसे जपने के लाभ और उचित समय का वर्णन किया गया है, ताकि भक्त श्याम प्रभु की कृपा और भक्ति रस को गहराई से अनुभव कर सकें।
भजन का शीर्षक: ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है
भजन लिखने वाले: कन्हैया मित्तल
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ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है भजन लिरिक्स
✨ मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है,
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है ✨
🌿 जैसे जैसे काम किये तूने मेरे बाबा मैं ही तो बस जानू ये,
तेरे सिवा दुनिया में कोई न हमारा मैं ही तो बस जानू ये 🌿
🌸 खाटू वाले श्याम धनि से मुझको महोबत है,
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है 🌸
🌼 रींगस से खाटू जो निशान लेके आया किस्मत जगा दी तूने,
निर्बल को बल मिला निर्धन को धन मिला बिगड़ी बना दी तूने 🌼
🌺 तुहि मेरी पूंजी बाबा तू ही मेरी दौलत है,
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है 🌺
🕉️ हारे का सहरा कहलाता सांवरिया मुझको सहारा देदो,
नैया मेरी बाबा डूबने लगी है इसको किनारा देदो 🕉️
🌊 क्यों सारी दुनिया में चलती बाबा तेरी हकूमत है,
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है 🌊
🙏 हर घड़ी हर पल नाम जपु ऐसी किरपा करदो,
गाये भजन मित्तल होक दीवाना झोली मेरी भर दो 🙏
🌟 बड़े दिनों के बाद मिलने का आया महूरत है,
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है 🌟
भजन का पंक्ति-वार अर्थ
मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है
भक्त संसार की स्वार्थपूर्ण प्रवृत्ति से दुखी होकर प्रभु की शरण चाहता है।
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है
भक्त श्याम प्रभु से कहता है कि जीवन में उसे केवल प्रभु का सहारा चाहिए।
जैसे जैसे काम किये तूने मेरे बाबा मैं ही तो बस जानू ये
भक्त स्वीकार करता है कि प्रभु ने उसके जीवन में अनगिनत कृपाएँ की हैं।
तेरे सिवा दुनिया में कोई न हमारा मैं ही तो बस जानू ये
भक्त मानता है कि प्रभु ही उसका सच्चा अपना है।
खाटू वाले श्याम धनि से मुझको महोबत है
भक्त खाटू श्याम जी से अपने प्रेम को व्यक्त करता है।
रींगस से खाटू जो निशान लेके आया किस्मत जगा दी तूने
खाटू धाम की यात्रा और निशान चढ़ाने से जीवन में सौभाग्य जागृत हुआ।
निर्बल को बल मिला निर्धन को धन मिला बिगड़ी बना दी तूने
श्याम बाबा असहाय को शक्ति और गरीब को सहारा देते हैं।
तुहि मेरी पूंजी बाबा तू ही मेरी दौलत है
भक्त के लिए सबसे बड़ी संपत्ति प्रभु की भक्ति है।
हारे का सहरा कहलाता सांवरिया मुझको सहारा देदो
जब जीवन में हार मिले तो प्रभु ही अंतिम सहारा हैं।
नैया मेरी बाबा डूबने लगी है इसको किनारा देदो
जीवन रूपी नाव को पार लगाने की प्रार्थना है।
क्यों सारी दुनिया में चलती बाबा तेरी हकूमत है
भक्त स्वीकार करता है कि संसार पर प्रभु की ही सत्ता है।
हर घड़ी हर पल नाम जपु ऐसी किरपा करदो
भक्त निरंतर नाम स्मरण की कृपा चाहता है।
गाये भजन मित्तल होक दीवाना झोली मेरी भर दो
भक्त भक्ति में डूबकर कृपा की याचना करता है।
बड़े दिनों के बाद मिलने का आया महूरत है
भक्त को प्रभु से मिलने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ है।
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है भजन का महत्व
यह भजन पूर्ण समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। यह भक्त को यह सिखाता है कि संसार की नश्वरता से ऊपर उठकर केवल प्रभु की शरण में जाना ही सच्चा सुख है।
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है लोगों को क्यों जपना चाहिए
इस भजन का जप मन को शांति देता है, आत्मबल बढ़ाता है और जीवन की कठिनाइयों में श्याम प्रभु का सहारा महसूस कराता है। यह भक्ति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करता है।
ओ सांवारे मुझे तेरी जरूरत है कब जपना चाहिए
इस भजन का जप किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से खाटू श्याम जयंती, एकादशी, शनिवार या जब जीवन में कठिन समय हो, तब इसका जप अधिक फलदायी माना जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी अन्य वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री और हिंदू धर्म की मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य केवल भक्ति भाव और सामान्य जानकारी प्रदान करना है।
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