सूरदास जी का एक तारा लिरिक्स (Surdas ji ka ek tara bhajan lyrics in hindi)
सूरदास जी का एक तारा, मीरा की करताल, बोले जय गिरधर गोपाल, बोले जय गिरधर गोपाल ।। (हाथ छुड़ाये जात […]
सूरदास जी का एक तारा, मीरा की करताल, बोले जय गिरधर गोपाल, बोले जय गिरधर गोपाल ।। (हाथ छुड़ाये जात […]
यह भजन प्रभु भक्ति और समर्पण की गहन भावना को प्रकट करता है। दोहे में सच्चे जीवन का संदेश दिया
इक कोर कृपा की कर दो: यह भजन राधारानी की करुणा और कृपा की प्रार्थना का भावपूर्ण स्तुति है। इसमें
वो काला एक बांसुरी वाला: यह भजन श्रीकृष्ण की चंचल लीलाओं और उनके मधुर बाँसुरी वादन का सुंदर वर्णन करता
श्री राम लखन ले व्याकुल मन: यह भजन भगवान श्रीराम के उस गहन दर्द और व्याकुलता का भावपूर्ण चित्रण करता
वृन्दावन का कृष्ण कन्हैया: यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं और उनके अनुपम आकर्षण का सुंदर वर्णन करता है।
प्रबल प्रेम के पाले पड़कर: यह भजन प्रभु श्रीकृष्ण की अनंत लीलाओं और भक्तों के प्रति उनके प्रेम की गहराई
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी: यह भजन बाँके बिहारी जी के प्रति भक्तों की गहन विरह भरी पुकार को व्यक्त
श्याम भज ले घड़ी दो घड़ी: यह भजन जीवन की गहरी सच्चाई को सरल शब्दों में प्रस्तुत करता है। इसमें
बंदे अब छोड़ दे हड़बड़ी, श्याम भजले घड़ी दो घड़ी: यह भजन श्रद्धा और भक्ति से भरे संदेश को प्रस्तुत
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा: यह भजन राधा और कृष्ण के अनन्य प्रेम और श्रीकृष्ण की विविध
सीता के राम, राधा के श्याम: यह भजन भगवान के विभिन्न रूपों और उनकी अनन्य भक्तों के साथ जुड़ी अमर
यह भजन जीवन की नश्वरता और समय के वेग का गहरा संदेश देता है। इसमें बताया गया है कि इंसान
रखियो लाज हमारी किशोरी राधे: यह भजन राधा रानी की महिमा और उनकी करुणामयी शरणागति का वर्णन करता है। इसमें
भक्तों को दर्शन दे गई रे, एक छोटी-सी कन्या: यह भजन माता वैष्णो देवी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करता
बंसी बजाते हुए किसी ने मेरा श्याम देखा: यह भजन श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं और उनके विभिन्न रूपों का सुंदर
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो: यह प्रसिद्ध भजन “पायो जी मैंने राम रतन धन पायो” भक्ति की अनमोल
कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं: यह भजन मानव जीवन की सच्ची सार्थकता पर गहरा संदेश देता है। इसमें बताया
यह भजन “राधे-राधे जपो, चले आयेंगे बिहारी” राधा-कृष्ण प्रेम और नाम-स्मरण की महिमा को दर्शाता है। इसमें राधा रानी को
कभी फुर्संत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना: यह भजन माँ जगदम्बा की करुणा और कृपा की